Class 10 · Hindi
Sawaiye Aur Kavitt MCQ Quiz
Free CBSE Class 10 Hindi MCQ quiz on Sawaiye Aur Kavitt (Weekly Test 29 Aug 2026): 30 questions with instant scoring and answer explanations. No sign-up…
30 questions
पाँयनि नूपुर मंजु बजै' पंक्ति में 'नूपुर' शब्द का सटीक अर्थ क्या है?
- हाथों के कंगन
- पैरों की पायल या घुँघरू
- कमर की करधनी
- गले का हार
जै जग-मंदिर-दीपक सुंदर' पंक्ति में कवि देव ने कौन सा मुख्य अलंकार प्रयुक्त किया है?
- उपमा अलंकार
- रूपक अलंकार
- उत्प्रेक्षा अलंकार
- अतिशयोक्ति अलंकार
सवैये के अंत में कवि देव ने श्रीकृष्ण के लिए किस विशिष्ट विशेषण का प्रयोग किया है?
- मदन महीप
- सुधाधर
- श्रीब्रजदूलह
- कंजकली
कटि किंकिणि कै धुनि की मधुराई' पंक्ति में 'कटि' और 'किंकिणि' का अर्थ-युग्म क्या है?
- माथा और मुकुट
- कमर और करधनी (छोटी घंटी)
- हृदय और माला
- चरण और नूपुर
सवैये के अनुसार श्रीकृष्ण के साँवले शरीर पर पीला वस्त्र (पट पीत) और हृदय पर क्या सुशोभित है?
- वैजयंती माला / बनमाल
- मोतियों की माला
- कौस्तुभ मणि
- चंदन का लेप
मंद हँसी मुखचंद जुन्हाई' में आए शब्द 'जुन्हाई' का सही अर्थ क्या है?
- सूर्य की किरणें
- चाँदनी
- दीपक की लौ
- बिजली की चमक
प्रथम कवित्त में कवि देव ने 'वसंत ऋतु' का किस रूप में मानवीकरण किया है?
- एक वृद्ध तपस्वी के रूप में
- एक वीर योद्धा के रूप में
- कामदेव के नवजात राजा-बालक के रूप में
- एक चपल नर्तक के रूप में
बालक वसंत के लिए प्रकृति में 'झूला' (पलना) किसने तैयार किया है?
- रेशम की डोरियों ने
- वृक्षों की डालियों ने
- सफ़ेद बादलों ने
- नदी की तरंगों ने
सुमन झिंगूला सोहै तन पे' पंक्ति में 'झिंगूला' का अर्थ क्या है?
- बालकों का ढीला-ढाला सूती वस्त्र (झबला)
- सुगंधित इत्र
- फूलों का मुकुट
- रेशमी बिछौना
प्रथम कवित्त में बालक वसंत से बातें करके उसे कौन बहलाते हैं?
- कोयल और मैना
- मोर और तोता (केकी-कीर)
- हंस और बगुला
- भौंरे और तितलियाँ
पूरित पराग सो उतारो करे राई नोन' पंक्ति लोक-जीवन की किस परंपरा की ओर संकेत करती है?
- अतिथि के स्वागत की
- बच्चे की नज़र उतारने की टोटका परंपरा
- दीप-दान की परंपरा
- तिलक लगाने की रीति
पवन झुलावै, केकी-कीर बतरावै देव' में मुख्य रूप से किस अलंकार का सौंदर्य दर्शनीय है?
- मानवीकरण अलंकार
- यम का अलंकार
- श्लेष अलंकार
- संदेह अलंकार
प्रथम कवित्त में 'कंजकली' (कमल की कली) रूपी नायिका ने अपने सिर पर क्या ओढ़ रखा है?
- रेशमी चुनरी
- लताओं की ओढ़नी (लता तान)
- बादलों का अंचल
- फूलों का आवरण
दूसरे कवित्त में 'फटिक सिला' का प्रयोग कवि ने किसके सौंदर्य को दर्शाने के लिए किया है?
- सूर्य के प्रकाश को
- पूर्णिमा की स्वच्छ चाँदनी रात को
- गंगा के शीतल जल को
- हिमालय के शिखर को
दूसरे कवित्त में आकाश में फैली चाँदनी की सफ़ेदी की तुलना किससे की गई है?
- उमड़ते हुए दही के समुद्र से
- ताजे मक्खन से
- कपास के ढेरों से
- चाँदी के चूर्ण से
राधिका को प्रतिबिंब सो लगत चंद' पंक्ति में कवि की क्या मौलिक सौंदर्य-दृष्टि प्रकट होती है?
- चंद्रमा को राधा से अत्यधिक सुंदर बताया गया है
- चंद्रमा उपमान न होकर उपमेय राधा का मात्र प्रतिबिंब प्रतीत होता है
- राधा को चंद्रमा से कम सुंदर माना गया है
- चंद्रमा और राधा दोनों को बदसूरत माना गया है
उदधि दधि को सो अधिकाई उमगे अमंद' में 'अमंद' शब्द का क्या अर्थ है?
- जो मंद न हो अर्थात् अत्यधिक / तीव्र
- धीमी गति वाला
- अंधकारमय
- शांत और स्थिर
दूध को सो फेन फैल्यो आँगन अमंद' पंक्ति किस इंद्रिय बिंब का उदाहरण प्रस्तुत करती है?
- श्रव्य बिंब
- दृश्य बिंब
- घ्राण बिंब
- स्पर्श बिंब
कवि देव किस काल / काव्यधारा के प्रमुख आचार्य-कवि माने जाते हैं?
- भक्तिकाल
- रीतिकाल
- आधुनिक काल
- वीरगाथा काल
माथे किरीट बड़े दृग चंचल' पंक्ति में आए 'किरीट' और 'दृग' शब्दों के अर्थ क्रम: क्या हैं?
- मुकुट और नेत्र
- तिलक और कान
- केश और होंठ
- कुंडल और बाहु
प्रथम कवित्त में 'कोकिल हलावै-हुसावै कर तारी दै' का अर्थ क्या है?
- कोयल बालक को डरा रही है
- कोयल ताली बजाकर बालक वसंत को हँसा और बहला रही है
- कोयल फल तोड़कर दे रही है
- कोयल हवा को रोक रही है
द्वितीय कवित्त में 'अंबर में तारा सी तरुनि ठाढ़ी' में तारों की तुलना किससे की गई है?
- चमकती हुई मणियों से
- सुंदर वस्त्र पहने खड़ी युवतियों से
- दीपक की लौ से
- कमल की पंखुड़ियों से
देव के सवैये और कवित्तों की काव्य-भाषा मुख्यतः कौन सी है?
- अवधी भाषा
- साहित्यिक ब्रजभाषा
- खड़ी बोली हिंदी
- मैथिली
पाँयनि नूपुर मंजु बजै' पंक्ति में किस प्रकार की ध्वन्यात्मकता (बिंब) पाई जाती है?
- दृश्य बिंब
- श्रव्य बिंब (ध्वनि बिंब)
- विचार बिंब
- संवेदनात्मक बिंब
मदन महीप जू को बालक वसंत' पंक्ति में 'मदन महीप' शब्द का क्या तात्पर्य है?
- राजा जनक
- कामदेव रूपी राजा
- चंद्रमा रूपी राजा
- इंद्रदेव
साँवरे अंग लसै पट पीत' में 'लसै' शब्द का क्या अर्थ है?
- सुशोभित होना / बहना
- छिपाना
- उतारना
- उदास होना
देव छंद-विधान में अत्यंत निपुण थे। पाठ में प्रस्तुत छंदों का सही क्रम क्या है?
- दोहा और चौपाई
- पहला सवैया और अगले दो कवित्त
- तीनों सवैये
- तीनों कवित्त
सवैये में श्रीकृष्ण के 'हिये हुलसै बनमाल सुहाई' से उनके किस भाव की अभिव्यक्ति होती है?
- उनकी वेशभूषा और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंदमय उल्लास
- उनका क्रोध
- उनकी उदासीनता
- उनकी भयभीत स्थिति
द्वितीय कवित्त में 'तारा सी तरुनि तामें ठाढ़ी पट चमकति' पंक्ति में कौन सा मुख्य अलंकार है?
- उपमा अलंकार (तारा सी)
- अतिशयोक्ति अलंकार
- अनन्वय अलंकार
- यमक अलंकार
देव के काव्य 'सवैया और कवित्त' का मुख्य प्रतिपाद्य या रस क्या है?
- वीर रस का उत्साह
- श्रृंगार रस और सौंदर्य का अलंकृत वर्णन
- करुण रस का विलाप
- वीभत्स रस की घृणा