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Class 10 Hindi Sparsh Chapter 14

NCERT Solutions for Class 10 Hindi Sparsh Chapter 14: कारतूस (हबीब तनवीर)

हबीब तनवीर का एकांकी 'कारतूस' अवध के नवाब वज़ीर अली के साहस की कहानी है, जिसे अंग्रेज़ों ने गद्दी से हटा दिया था। कंपनी के वकील की हत्या के बाद वह जंगलों में छिपकर अंग्रेज़ों से लोहा ले रहा था और कर्नल की फ़ौज उसे पकड़ने के लिए डेरा डाले थी। एक दिन वह स्वयं सवार बनकर कर्नल के खेमे में पहुँचता है, उसी से कारतूस लेता है और जाते-जाते अपना नाम बताकर सबको चकित कर देता है।

NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न-उत्तर: मौखिक

प्रश्न 1. कर्नल कालिंज का खेमा जंगल में क्यों लगा हुआ था?

उत्तर : कंपनी का हुक्म था कि वज़ीर अली को गिरफ़्तार किया जाए। वज़ीर अली इन्हीं (गोरखपुर के) जंगलों में छिपा हुआ था, इसलिए उसे पकड़ने के लिए कर्नल कालिंज ने जंगल में खेमा लगा रखा था।

प्रश्न 2. वज़ीर अली से सिपाही क्यों तंग आ चुके थे?

उत्तर : हफ़्तों से जंगल में खेमा डाले रहने और पूरी फ़ौज के पीछा करने के बावजूद वज़ीर अली हाथ नहीं आ रहा था। वह बरसों से अंग्रेज़ों की आँखों में धूल झोंक रहा था, इसलिए सिपाही उससे तंग आ चुके थे।

प्रश्न 3. कर्नल ने सवार पर नज़र रखने के लिए क्यों कहा?

उत्तर : दूर से गर्द उड़ती दिखाई दी और एक अकेला सवार सरपट घोड़ा दौड़ाते हुए सीधा खेमे की ओर आता दिखा। वज़ीर अली की तलाश के माहौल में यह संदिग्ध था, इसलिए कर्नल ने सिपाहियों से कहा कि वे सवार पर नज़र रखें कि वह किस तरफ़ जा रहा है।

प्रश्न 4

सवार ने क्यों कहा कि वज़ीर अली की गिरफ़्तारी बहुत मुश्किल है?

उत्तर

सवार स्वयं वज़ीर अली था और अपनी क्षमता को जानता था। उसने कहा कि वज़ीर अली एक जाँबाज़ सिपाही है, जो जान की बाज़ी लगाने से नहीं डरता, इसलिए उसकी गिरफ़्तारी बहुत मुश्किल है।

लिखित (क): निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए

प्रश्न 1

वज़ीर अली के अफ़साने सुनकर कर्नल को रॉबिनहुड की याद क्यों आ जाती थी?

उत्तर

रॉबिनहुड की तरह वज़ीर अली भी साहसी, चतुर और निडर था। वह शक्तिशाली अंग्रेज़ी हुकूमत को बरसों से चकमा दे रहा था, मुट्ठी भर जाँबाज़ साथियों के साथ जंगलों में घूमता था और पूरी फ़ौज के हाथ नहीं आता था। उसके ऐसे साहसिक कारनामे सुनकर कर्नल को रॉबिनहुड की याद आ जाती थी।

प्रश्न 2

सआदत अली कौन था? उसने वज़ीर अली की पैदाइश को अपनी मौत क्यों समझा?

उत्तर

सआदत अली अवध के नवाब आसिफ़उद्दौला का भाई और वज़ीर अली का चाचा (तथा दुश्मन) था। आसिफ़उद्दौला के यहाँ लड़के की कोई उम्मीद नहीं थी, इसलिए सआदत अली स्वयं को गद्दी का उत्तराधिकारी मानता था। वज़ीर अली के जन्म से उसके नवाब बनने की आशा समाप्त हो गई, इसलिए उसने वज़ीर अली की पैदाइश को अपनी मौत समझा।

प्रश्न 3

सआदत अली को अवध के तख़्त पर बिठाने के पीछे कर्नल का क्या मकसद था?

उत्तर

सआदत अली अंग्रेज़ों का दोस्त और बहुत ऐश-पसंद आदमी था। अंग्रेज़ जानते थे कि वह उनके इशारों पर चलेगा। तख़्त मिलने पर उसने अंग्रेज़ों को अपनी आधी मुमलिकत (जायदाद, दौलत) और दस लाख रुपये नगद दिए। इस प्रकार अवध पर अंग्रेज़ों का प्रभाव और लाभ बना रहे, यही मकसद था।

प्रश्न 4

कंपनी के वकील का कत्ल करने के बाद वज़ीर अली ने अपनी हिफ़ाज़त कैसे की?

उत्तर

कंपनी के वकील का कत्ल करने के बाद वज़ीर अली अपने जानिसारों (वफ़ादार साथियों) के साथ आज़मगढ़ की तरफ़ भाग गया। आज़मगढ़ के हुक्मरां ने उन्हें अपनी हिफ़ाज़त में घागरा तक पहुँचा दिया। तब से वह अपने साथियों के साथ इन जंगलों में कई साल से भटकता रहा और अंग्रेज़ों के हाथ नहीं आया।

प्रश्न 5

सवार के जाने के बाद कर्नल क्यों हक्का-बक्का रह गया?

उत्तर

जिस वज़ीर अली को पकड़ने के लिए कर्नल पूरी फ़ौज लेकर जंगल में डेरा डाले था, वही अकेला उसके खेमे में आया, उससे दस कारतूस लिए, अपना नाम वज़ीर अली बताया और यह कहकर चला गया कि कारतूस देने के कारण वह कर्नल की जान बख्शता है। कर्नल को इतने बड़े दुस्साहस की कल्पना भी नहीं थी, इसलिए वह हक्का-बक्का रह गया।

लिखित (ख): निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए

प्रश्न 1

लेफ़्टीनेंट को ऐसा क्यों लगा कि कंपनी के खिलाफ़ सारे हिंदुस्तान में एक लहर दौड़ गई है?

उत्तर

कर्नल ने बताया कि अफ़गानिस्तान के बादशाह शाहे-ज़मा को हिंदुस्तान पर हमला करने की दावत सबसे पहले टीपू सुल्तान ने दी, फिर वज़ीर अली ने उसे दिल्ली बुलाया और फिर बंगाल के नवाब के निस्बती भाई शमसुद्दौला ने भी। देश के अलग-अलग भागों के शासक कंपनी के विरुद्ध एक ही दिशा में प्रयास कर रहे थे। यह सुनकर लेफ़्टीनेंट को लगा कि कंपनी के खिलाफ़ सारे हिंदुस्तान में एक लहर दौड़ गई है।

प्रश्न 2. वज़ीर अली ने कंपनी के वकील का कत्ल क्यों किया?

उत्तर : अंग्रेज़ों ने वज़ीर अली को उसके पद से हटाकर बनारस पहुँचा दिया और तीन लाख रुपये सालाना वज़ीफ़ा तय कर दिया। कुछ महीने बाद गवर्नर जनरल ने उसे कलकत्ता तलब किया। वज़ीर अली ने बनारस में रहने वाले कंपनी के वकील से इसकी शिकायत की, पर वकील ने परवाह करने के बजाय उलटा उसे बुरा-भला सुना दिया। वज़ीर अली के दिल में पहले से ही अंग्रेज़ों के खिलाफ़ नफ़रत भरी थी, इसलिए उसने खंजर से वकील का काम तमाम कर दिया।

प्रश्न 3. सवार ने कर्नल से कारतूस कैसे हासिल किए?

उत्तर : सवार (वज़ीर अली) अकेला कर्नल के खेमे में आया और एकांत में बात करने की इच्छा जताई। उसने कर्नल से पूछा कि खेमा क्यों डाला है और इतना लावलश्कर क्यों है। कर्नल ने बताया कि वज़ीर अली को गिरफ़्तार करने के लिए। सवार ने कहा कि उसकी गिरफ़्तारी बहुत मुश्किल है, वह जाँबाज़ सिपाही है, और फिर वज़ीर अली को गिरफ़्तार करने के लिए चंद कारतूस माँगे। कर्नल ने उसे अपना आदमी समझकर दस कारतूस दे दिए। इस प्रकार उसने चतुराई और निडरता से अपनी पहचान छिपाकर कारतूस हासिल कर लिए।

प्रश्न 4

वज़ीर अली एक जाँबाज़ सिपाही था, कैसे? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर

वज़ीर अली सचमुच जाँबाज़ था। उसने अपने पाँच महीने के शासन में अवध के दरबार को अंग्रेज़ी असर से लगभग पाक कर दिया। अपमान करने पर उसने कंपनी के वकील को खंजर से मार डाला। मुट्ठी भर साथियों के साथ वह बरसों तक अंग्रेज़ों और सआदत अली की फ़ौजों को चकमा देता रहा। सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि वह अकेला शत्रु के खेमे में जाकर कर्नल से ही कारतूस ले आया और उसकी जान बख्शकर चला गया। स्वयं कर्नल ने उसे "एक जाँबाज़ सिपाही" कहा।

लिखित (ग): निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए

प्रश्न 1. मुट्ठीभर आदमी और ये दमखम।

उत्तर : कर्नल आश्चर्य से कहता है कि वज़ीर अली के साथ बहुत थोड़े-से (मुट्ठी भर) साथी हैं, फिर भी उनमें इतनी शक्ति, हिम्मत और दृढ़ता (दमखम) है कि वे अंग्रेज़ों की पूरी फ़ौज को बरसों से छका रहे हैं।

प्रश्न 2

गर्द तो ऐसे उड़ रही है जैसे कि पूरा एक काफ़िला चला आ रहा हो मगर मुझे तो एक ही सवार नज़र आता है।

उत्तर

लेफ़्टीनेंट कहता है कि धूल इतनी अधिक उड़ रही है मानो पूरा काफ़िला आ रहा हो, पर दिखाई केवल एक घुड़सवार देता है। इससे पता चलता है कि सवार बहुत तेज़ गति से घोड़ा दौड़ाता हुआ आ रहा था, और यह उसकी फुर्ती व दिलेरी का संकेत है।

भाषा अध्ययन

प्रश्न 1

निम्नलिखित शब्दों का एक-एक पर्याय लिखिए — खिलाफ़, पाक, उम्मीद, हासिल, कामयाब, वज़ीफ़ा, नफ़रत, हमला, इंतेज़ार, मुमकिन

उत्तर

खिलाफ़ — विरुद्ध; पाक — पवित्र; उम्मीद — आशा; हासिल — प्राप्त; कामयाब — सफल; वज़ीफ़ा — छात्रवृत्ति / वृत्ति (परवरिश के लिए दी जाने वाली राशि); नफ़रत — घृणा; हमला — आक्रमण; इंतेज़ार — प्रतीक्षा; मुमकिन — संभव

प्रश्न 2

निम्नलिखित मुहावरों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए — आँखों में धूल झोंकना, कूट-कूट कर भरना, काम तमाम कर देना, जान बख्श देना, हक्का-बक्का रह जाना।

उत्तर

आँखों में धूल झोंकना — चोर पुलिस की आँखों में धूल झोंककर भाग निकला।

कूट-कूट कर भरना — भगत सिंह में देशभक्ति कूट-कूट कर भरी थी।

काम तमाम कर देना — शिकारी ने एक ही गोली से आदमखोर बाघ का काम तमाम कर दिया।

जान बख्श देना — राजा ने अपराधी के माफ़ी माँगने पर उसकी जान बख्श दी।

हक्का-बक्का रह जाना — अचानक परीक्षा की घोषणा सुनकर सब विद्यार्थी हक्के-बक्के रह गए।

प्रश्न 3

निम्नलिखित वाक्यों में कारकों को रेखांकित कर उनके नाम लिखिए —

उत्तर

(क) जंगल की ज़िंदगी बड़ी खतरनाक होती है। — जंगल की: संबंध कारक; ज़िंदगी: कर्ता कारक

(ख) कंपनी के खिलाफ़ सारे हिंदुस्तान में एक लहर दौड़ गई। — कंपनी के: संबंध कारक; सारे हिंदुस्तान में: अधिकरण कारक; लहर: कर्ता कारक

(ग) वज़ीर को उसके पद से हटा दिया गया। — वज़ीर को: कर्म कारक; उसके: संबंध कारक; पद से: अपादान कारक

(घ) फ़ौज के लिए कारतूस की आवश्यकता थी। — फ़ौज के लिए: संप्रदान कारक; कारतूस की: संबंध कारक

(ङ) सिपाही घोड़े पर सवार था। — सिपाही: कर्ता कारक; घोड़े पर: अधिकरण कारक

प्रश्न 4. नीचे दिए गए वाक्यों में 'ने' लगाकर उन्हें दुबारा लिखिए

उत्तर :

(क) घोड़ा पानी पी रहा था। — घोड़े ने पानी पिया।

(ख) बच्चे दशहरे का मेला देखने गए। — बच्चों ने दशहरे का मेला देखा।

(ग) रॉबिनहुड गरीबों की मदद करता था। — रॉबिनहुड ने गरीबों की मदद की।

(घ) देशभर के लोग उसकी प्रशंसा कर रहे थे। — देशभर के लोगों ने उसकी प्रशंसा की।

प्रश्न 5. निम्नलिखित वाक्यों में उचित विराम-चिह्न लगाइए

उत्तर :

(क) कर्नल ने कहा, "सिपाहियो, इस पर नज़र रखो, ये किस तरफ़ जा रहा है।"

(ख) सवार ने पूछा, "आपने इस मकाम पर क्यों खेमा डाला है? इतने लावलश्कर की क्या ज़रूरत है?"

(ग) खेमे के अंदर दो व्यक्ति बैठे बातें कर रहे थे। चाँदनी छिटकी हुई थी और बाहर सिपाही पहरा दे रहे थे। एक व्यक्ति कह रहा था, "दुश्मन कभी भी हमला कर सकता है।"

महत्वपूर्ण अतिरिक्त प्रश्न-उत्तर

प्रश्न 1. हबीब तनवीर का संक्षिप्त परिचय दीजिए।

उत्तर : हबीब तनवीर (1923-2009) का जन्म छत्तीसगढ़ के रायपुर में हुआ। उन्होंने 1944 में नागपुर से स्नातक की उपाधि प्राप्त की, फिर ब्रिटेन की नाटक अकादमी से नाट्य-लेखन का अध्ययन किया और दिल्ली लौटकर पेशेवर नाट्यमंच की स्थापना की। वे नाटककार, कवि, पत्रकार, नाट्य निर्देशक और अभिनेता के रूप में प्रसिद्ध हुए और लोकनाट्य के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण कार्य किया। उन्हें कई पुरस्कार, फ़ेलोशिप और पद्मश्री मिले। प्रमुख नाटक — आगरा बाज़ार, चरनदास चोर, देख रहे हैं नैन, हिरमा की अमर कहानी। उन्होंने बसंत ऋतु का सपना, शाजापुर की शांति बाई, मिट्टी की गाड़ी और मुद्राराक्षस नाटकों का आधुनिक रूपांतर भी किया।

प्रश्न 2. इस एकांकी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि क्या है?

उत्तर : एकांकी का ज़माना सन् 1799 है और स्थान गोरखपुर के जंगल में कर्नल कालिंज का खेमा। उस समय ईस्ट इंडिया कंपनी रियासतों पर कब्ज़ा जमा रही थी। अवध के नवाब आसिफ़उद्दौला के बाद वज़ीर अली ने लगभग पाँच महीने शासन किया और अवध के दरबार को अंग्रेज़ी असर से लगभग मुक्त कर दिया। अंग्रेज़ों ने उसे हटाकर अपने दोस्त सआदत अली को तख़्त पर बिठा दिया। वज़ीर अली ने कंपनी के वकील का कत्ल किया, आज़मगढ़ की ओर भागा और फिर वर्षों तक जंगलों में रहकर अंग्रेज़ों से संघर्ष करता रहा। उसकी योजना नेपाल पहुँचकर, अफ़गानी हमले की प्रतीक्षा करते हुए ताकत बढ़ाने और अंग्रेज़ों को हिंदुस्तान से निकालने की थी।

प्रश्न 3. कर्नल कालिंज की स्थिति पर टिप्पणी कीजिए।

उत्तर : कर्नल कालिंज की स्थिति विडंबनापूर्ण है। वह पूरी फ़ौज लेकर वज़ीर अली को पकड़ने के लिए हफ़्तों से जंगल में खेमा डाले हुए है, फिर भी वज़ीर अली अकेला उसके खेमे में आता है, उसी से दस कारतूस लेता है, अपना नाम बताता है और कर्नल की जान बख्शकर चला जाता है। कर्नल हक्का-बक्का रह जाता है। अंत में वह दबी ज़बान से वज़ीर अली को "एक जाँबाज़ सिपाही" कहता है — यानी शत्रु होते हुए भी वह उसकी वीरता का लोहा मान लेता है।

प्रश्न 4. रिक्त स्थान भरिए

(i) सआदत अली नवाब __________ का भाई था। — आसिफ़उद्दौला

(ii) अंग्रेज़ों ने __________ को अवध के तख़्त पर बिठाया। — सआदत अली

(iii) कर्नल कालिंज का खेमा __________ के जंगल में था। — गोरखपुर

(iv) 'कारतूस' एक __________ (विधा) है। — एकांकी

Frequently Asked Questions

What is Class 10 Hindi Sparsh Chapter 14 (कारतूस (हबीब तनवीर)) about?

हबीब तनवीर का एकांकी 'कारतूस' अवध के नवाब वज़ीर अली के साहस की कहानी है, जिसे अंग्रेज़ों ने गद्दी से हटा दिया था। कंपनी के वकील की हत्या के बाद वह जंगलों में छिपकर अंग्रेज़ों से लोहा ले रहा था और कर्नल की फ़ौज उसे पकड़ने के लिए डेरा डाले थी। एक दिन वह स्वयं सवार बनकर कर्नल के खेमे में पहुँचता है, उसी से कारतूस लेता है और जाते-जाते अपना नाम बताकर सबको चकित कर देता है।

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How should I use these solutions to prepare for exams?

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