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Class 9 Hindi Ganga Chapter 4

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Ganga Chapter 4: ऐसी भी बातें होती हैं

ऐसी भी बातें होती हैं' यतींद्र मिश्र द्वारा 'भारत रत्न' लता मंगेशकर से लिया गया साक्षात्कार है। इसमें लता जी अपने पिता से पाँच वर्ष की आयु में मिली संगीत शिक्षा, पिता के निधन के बाद परिवार की ज़िम्मेदारी और कठिन परिस्थितियों में भी स्वाभिमान से जीने के संस्कारों की बात करती हैं। यह साक्षात्कार उनकी संगीत-यात्रा, संघर्ष और परिवार के प्रति समर्पण को सामने लाता है।

Circle of Learning • नई NCERT पाठ्यपुस्तक "गंगा" (2026-27) • पाठ के सभी प्रश्नों के उत्तर

(यह पाठ यतींद्र मिश्र द्वारा 'भारत रत्न' लता मंगेशकर से लिया गया साक्षात्कार है।)

रचना से संवाद : मेरे उत्तर मेरे तर्क

निर्देश : निम्नलिखित प्रश्नों के सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ये उत्तर उपयुक्त क्यों लगते हैं।

प्रश्न 1

लता जी ने अपने पिताजी से क्या-क्या सीखा? (क) अनुशासन और नियम के साथ जीना (ख) भय और संशय के साथ जीना (ग) स्वाभिमान और सच्चाई के साथ जीना (घ) चतुराई और संयम के साथ जीना

उत्तर

(ग) स्वाभिमान और सच्चाई के साथ जीना।

तर्क : लता जी कहती हैं, "सबसे ज्यादा तो स्वाभिमान से जीने की प्रेरणा।" पिताजी ने सिखाया था, "अगर कोई बात तुम्हें सही लगती है, तो उसे करो और किसी के आगे झुकने की जरूरत नहीं है।"

प्रश्न 2

पिताजी की मृत्यु के बाद परिवार सँभालने का लता जी का निर्णय किस जीवन-मूल्य का द्योतक है? (क) संघर्ष (ख) निराशा (ग) भौतिकता (घ) कर्तव्यनिष्ठा

उत्तर

(घ) कर्तव्यनिष्ठा।

तर्क : छोटी आयु में ही लता जी ने परिवार की जिम्मेदारी उठाई। वे कहती हैं, "हमेशा यही बात दिमाग में घूमती थी कि किसी तरह बस मुझे अपने परिवार को देखना है।" संघर्ष उसका साधन था, पर मूल भावना परिवार के प्रति कर्तव्य की थी।

प्रश्न 3

"बिल्कुल ठेठ गँवई अंदाज में यह मंगलागौर का उत्सव मनाया जाता है…" 'मंगलागौर' के वर्णन से भारतीय समाज की कौन-सी परंपरा उजागर होती है? (क) संगीत पर आधुनिकता का प्रभाव (ख) लोकगीतों की लोकप्रियता में कमी (ग) धार्मिक कार्यक्रमों में संगीत का महत्व (घ) संगीत की महत्वपूर्ण सामाजिक भूमिका

उत्तर

(घ) संगीत की महत्वपूर्ण सामाजिक भूमिका।

तर्क : मंगलागौर में नई बहू के स्वागत के लिए पास-पड़ोस की स्त्रियाँ इकट्ठी होकर गाती-नाचती हैं। इससे पता चलता है कि हमारे समाज में संगीत लोगों को जोड़ने, उत्सव मनाने और नए सदस्य को अपनाने का माध्यम रहा है।

प्रश्न 4

"गाव गेला वाहुन, नाव गेला राहुन"— इस कहावत का प्रतीकात्मक अर्थ क्या है? (क) नाव गाँव में नहीं रहती, नदी में बहती है। (ख) इस नश्वर संसार में सब कुछ नष्ट हो जाता है। (ग) फिल्मों में गीत गाने से बहुत प्रसिद्धि मिलती है। (घ) जीवन अस्थायी है, पर कर्म अमर रहते हैं।

उत्तर

(घ) जीवन अस्थायी है, पर कर्म अमर रहते हैं।

तर्क : कहावत का अर्थ है "गाँव तो बह जाता है, लेकिन जो नाम है, वह रह जाता है।" यहाँ 'नाव' का अर्थ नौका नहीं, 'नाम' है। लता जी भी कहती हैं, "मेरा गाना अमर है, पर शरीर तो अमर नहीं।"

प्रश्न 5

कोरस में साथ गाने वाली लड़कियों के साथ लता जी के संबंध कैसे थे? (क) औपचारिक (ख) कामकाजी (ग) आत्मीय (घ) प्रतिस्पर्धात्मक

उत्तर

(ग) आत्मीय।

तर्क : लता जी कहती हैं कि कोरस की लड़कियाँ "बिल्कुल मेरे घर जैसी थीं।" वे स्टूडियो में उनके साथ जमीन पर बैठकर बातें करती थीं और मीना की शादी में कोरस के सब लोग कोल्हापुर गए थे।

प्रश्न 6

लता मंगेशकर के अनुसार बाबा हरिदास और तानसेन की कथाओं से क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है? (क) संगीत द्वारा दीपक जलाए जा सकते हैं। (ख) मेघराग गाने से वर्षा होने लगती है। (ग) सुर में वाद्य बजाने से तार टूट जाते हैं। (घ) संगीत में अपरिमित शक्ति होती है।

उत्तर

(घ) संगीत में अपरिमित शक्ति होती है।

तर्क : लता जी दीपक जलने या वर्षा होने की बात को निश्चित रूप से सच नहीं मानतीं, पर कहती हैं, "संगीत में वह असीम शक्ति है कि कुछ अप्रत्याशित वह जरूर रच देता है।"

प्रश्न 7

पूरे साक्षात्कार में लता मंगेशकर की जो छवि बनती है, वह मुख्यतः कैसी है? (क) सादगी, समर्पण और आत्मसम्मान की (ख) प्रसिद्धि, परिवार को समर्पित और आत्ममुग्ध (ग) कठोर सिद्धांतवादी और व्यावहारिक व्यक्ति (घ) आधुनिकता विरोधी रूढ़िवादी विचारों वाली

उत्तर

(क) सादगी, समर्पण और आत्मसम्मान की।

तर्क : वे छोटे-से घर में खुश रहती हैं (सादगी), सुबह से रात तक रेकॉर्डिंग करती हैं (समर्पण) और किसी के आगे हाथ नहीं पसारतीं (आत्मसम्मान)। वे आत्ममुग्ध नहीं हैं, बल्कि कहती हैं कि गाकर भी वे अपने प्रशंसकों का पूरा आभार नहीं जता पाईं।

रचना से संवाद : मेरी समझ मेरे विचार

प्रश्न 1

"पिताजी उस समय पूछते थे, 'समझ गए न?'… इसके बाद वे कहते थे कि 'अच्छा अब जाओ, बाहर जाकर खेलो।'" यह प्रसंग पारिवारिक अनुशासन और स्नेह के संतुलन का प्रतीक है। कैसे? (संकेत– यहाँ अनुशासन में डर है या सम्मान?)

उत्तर

पिताजी शरारत करने पर बच्चों को डाँटते या मारते नहीं थे, केवल गंभीरता से देखते थे और बच्चे अपनी गलती समझ जाते थे। यह अनुशासन था। फिर तुरंत "बाहर जाकर खेलो" कहकर वे बच्चों को सहज कर देते थे; यह स्नेह था। इस अनुशासन में डर से अधिक सम्मान था— बच्चे पिता का इतना आदर करते थे कि उनकी एक नजर ही काफी थी। गलती का एहसास कराना और फिर प्रेम से माफ कर देना, यही अनुशासन और स्नेह का सुंदर संतुलन है।

प्रश्न 2

लता मंगेशकर पर अपने पिताजी पं. दीनानाथ मंगेशकर के व्यक्तित्व का क्या प्रभाव पड़ा? उनके कौन-कौन से कार्यों और व्यवहार में उनके पिता का प्रभाव दिखाई देता है?

उत्तर

पिताजी से लता जी को संगीत की पहली शिक्षा, काम में डूबे रहने की लगन और स्वाभिमान से जीने के संस्कार मिले। यह प्रभाव उनके जीवन में कई जगह दिखता है— (1) उन्होंने कभी किसी से पैसे या चीज नहीं माँगी, बुरे दिनों में भी किसी के आगे हाथ नहीं पसारा। (2) पिता की तरह वे भी सुबह से रात तक संगीत में डूबी रहीं। (3) सही बात पर अडिग रहने की हिम्मत उन्हें पिता की सीख से मिली। (4) वे कहती हैं कि उन्हें सबसे अधिक खुशी इस बात की है कि उन्होंने पिताजी का नाम आगे बढ़ाया।

प्रश्न 3

"मैंने अपने पिताजी का नाम, थोड़ा ही सही मगर, आगे बढ़ाया।" 'नाम आगे बढ़ाने' का लता जी के लिए क्या अर्थ है? क्या यह सिर्फ प्रसिद्धि पाना है या इससे कोई महत्वपूर्ण उत्तरदायित्व भी जुड़ा हुआ है?

उत्तर

लता जी के लिए नाम आगे बढ़ाने का अर्थ केवल प्रसिद्ध होना नहीं है। इसका अर्थ है पिता की संगीत-परंपरा को जीवित रखना, उनके दिए संस्कारों— स्वाभिमान, ईमानदारी और परिश्रम— के अनुसार जीना और परिवार की जिम्मेदारी निभाना। पिता के जाने के बाद पूरे परिवार को सँभालना और ऐसा काम करना जिससे उनका नाम सम्मान से लिया जाए, यह एक बड़ा उत्तरदायित्व था। 'थोड़ा ही सही' कहना उनकी विनम्रता को दिखाता है।

प्रश्न 4

किसी भी कार्य को पूरा करने में सहयोगियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। साक्षात्कार के आधार पर बताइए कि लता जी के अपने सहयोगियों के साथ संबंध कैसे थे?

उत्तर

लता जी के अपने सहयोगियों से संबंध बहुत आत्मीय और सम्मानपूर्ण थे। कोरस गाने वाली लड़कियाँ उनके घर जैसी थीं; वे स्टूडियो में उनके साथ जमीन पर बैठकर बातें करती थीं और उनके नाम (कविता, गांधारी, कल्याणी, सुमन, रेखा) तक उन्हें याद थे। वरिष्ठ संगीतकारों के प्रति उनके मन में गहरा आदर था; दीवाली की सुबह वे नौशाद साहब, अनिल विश्वास, बर्मन दादा आदि के घर मिठाई लेकर जाती थीं। भालजी पेंढारकर को वे 'बाबा' कहती थीं। इससे पता चलता है कि वे सफलता का श्रेय सबके साथ बाँटती थीं।

रचना से संवाद : साक्षात्कार से उभरता व्यक्तित्व/उभरती छवि

प्रश्न 1

साक्षात्कार से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन पंक्तियों से लता मंगेशकर के व्यक्तित्व के कौन-कौन से गुण या विशेषताएँ उभरकर सामने आती हैं? दिए गए शब्दों में से चुनकर लिखिए।

उत्तर

पंक्ति

उभरते गुण

1. "मुझे अपने गाने और रेकॉर्डिंग के अलावा किसी दूसरी चीज की सुध नहीं रहती थी।"

समर्पण, एकाग्रता, साधना, उत्तरदायित्व

2. "अगर कोई बात तुम्हें सही लगती है, तो उसे करो और किसी के आगे झुकने की जरूरत नहीं है।"

स्वाभिमान, दृढ़ता, आत्मविश्वास, स्पष्टवादिता

3. "आप जैसे लोग अगर यह मानते हैं कि मैं अमर हूँ, तो यह मुझे मिलने वाले उस प्यार जैसा ही है।"

कृतज्ञता, विनम्रता, सरलता

4. "मेरा गाना अमर है, पर शरीर तो अमर नहीं।"

दार्शनिकता, स्पष्टता, सरलता (इसमें घमंड नहीं, जीवन की सच्चाई की स्वीकृति है)

रचना से संवाद : मेरे प्रश्न

प्रश्न 1

उत्तर

'मंगलागौर' जैसे लोक पर्वों में स्त्रियों के बीच गीत, नृत्य और सौहार्द का भाव झलकता था। (इस उत्तर से कम से कम दो प्रश्न बनाइए।)

उत्तर :

  • मंगलागौर जैसे लोक पर्वों में स्त्रियों के बीच कौन-सा भाव झलकता था?
  • मंगलागौर के उत्सव में स्त्रियाँ क्या करती थीं?
  • लता जी ने मंगलागौर के माध्यम से लोक पर्वों की किस विशेषता को बताया है?
  • महाराष्ट्र के किस लोक पर्व में स्त्रियाँ मिलकर गाती और नाचती हैं?
प्रश्न 2

उत्तर

लता जी का मानना था कि तकनीकी प्रगति के बावजूद पुराने संगीतकारों की सादगी और गहराई अद्वितीय थी। (इस उत्तर से कम से कम दो प्रश्न बनाइए।)

उत्तर :

  • पुराने संगीतकारों के विषय में लता जी का क्या मानना था?
  • तकनीकी प्रगति के संदर्भ में लता जी ने पुराने संगीतकारों की किन विशेषताओं को अद्वितीय बताया?
  • लता जी के अनुसार पुराने और नए संगीत में क्या अंतर था?

रचना से संवाद : मेरे अनुभव मेरे विचार

प्रश्न 1

"अगर कोई बात तुम्हें सही लगती है, तो उसे करो और किसी के आगे झुकने की जरूरत नहीं है।" क्या आप किसी ऐसी स्थिति से गुजरे हैं जब आपको किसी सही बात पर अकेले खड़ा होना पड़ा हो? कब और क्यों?

उत्तर

उत्तर (नमूना उत्तर) : हाँ, पिछले वर्ष हमारी कक्षा के कुछ विद्यार्थियों ने एक नए सहपाठी का उसकी बोली के कारण मजाक उड़ाना शुरू किया। सब हँस रहे थे, पर मुझे यह गलत लगा। मैंने सबके सामने कहा कि किसी की भाषा या बोली का मजाक उड़ाना ठीक नहीं है। उस दिन कुछ मित्र मुझसे नाराज हो गए और मैं अकेला/अकेली पड़ गया/गई। पर कुछ दिन बाद उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ और नया सहपाठी भी हमारा अच्छा मित्र बन गया।

प्रश्न 2

"बाबा ने जैसा सिखाया था, उस पर हम सभी भाई-बहनों ने चलने का प्रयास किया।" आपके परिवार में भी कोई ऐसी सीख या नियम अवश्य होंगे जिनका पालन आप किसी के याद दिलाए बिना स्वतः करते होंगे, उनके विषय में बताइए।

उत्तर

उत्तर (नमूना उत्तर) : हमारे परिवार में कुछ नियम हम बिना कहे निभाते हैं— (1) बड़ों के घर आने पर खड़े होकर उनका अभिवादन करना। (2) रात का भोजन सब साथ बैठकर करना और भोजन बर्बाद न करना। (3) जो चीज जहाँ से उठाई, उसे वहीं वापस रखना। (4) झूठ न बोलना; दादाजी कहते हैं कि गलती हो जाए तो मान लो, छिपाओ मत। ये बातें अब हमारी आदत बन गई हैं।

प्रश्न 3

"पहले दिन गुड़ि बाँधने के बाद नौ दिन तक उत्सव मनाया जाता है।" आप भी अपने घर में किसी पारंपरिक पर्व को विशेष तरीके से मनाते होंगे। उसका वर्णन कीजिए।

उत्तर

उत्तर (नमूना उत्तर) : हमारे घर में मकर संक्रांति विशेष ढंग से मनाई जाती है। सुबह-सुबह सब तिल का उबटन लगाकर स्नान करते हैं। माँ तिल-गुड़ के लड्डू और खिचड़ी बनाती हैं। दादी पहले खिचड़ी और तिल का दान करती हैं, फिर सब मिलकर खाते हैं। दोपहर में हम छत पर पतंग उड़ाते हैं और पूरा मोहल्ला "वो काटा!" की आवाजों से गूँज उठता है। शाम को बड़े-बुजुर्ग बच्चों को आशीर्वाद देते हैं। इस पर्व से हमें मिल-जुलकर रहने और बाँटकर खाने की सीख मिलती है।

प्रश्न 4

"बिल्कुल ठेठ गँवई अंदाज में यह मंगलागौर का उत्सव मनाया जाता है, मगर आहिस्ता-आहिस्ता वह भी अब खत्म हो रहा है।" पाठ में आपने पढ़ा कि लता मंगेशकर के बचपन से अब तक उत्सवों से जुड़ी अनेक परंपराएँ बदल रही हैं। कौन-कौन सी परंपराएँ बदल गई हैं? अपने घर-परिवार में बातचीत करके पता लगाइए कि विभिन्न त्योहारों को मनाने के तरीकों में कौन-कौन से बदलाव आ रहे हैं?

उत्तर

उत्तर (नमूना उत्तर) : पाठ में लता जी बताती हैं कि होली अब वे नहीं खेलतीं और मंगलागौर जैसा उत्सव धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। मेरे घर में बातचीत से ये बदलाव पता चले— (1) पहले घर में मिठाइयाँ बनती थीं, अब ज्यादातर बाजार से आती हैं। (2) पहले लोग एक-दूसरे के घर जाकर बधाई देते थे, अब मोबाइल संदेशों से शुभकामनाएँ भेज दी जाती हैं। (3) शादी-ब्याह में पहले मोहल्ले की स्त्रियाँ लोकगीत गाती थीं, अब डीजे बजता है। (4) होली में प्राकृतिक रंगों की जगह रासायनिक रंग आ गए, हालाँकि अब फिर से हर्बल रंगों का चलन बढ़ रहा है। (5) दीवाली पर मिट्टी के दीयों की जगह बिजली की झालरें ज्यादा लगती हैं।

विधा से संवाद : साक्षात्कार की पड़ताल

प्रश्न 1

'ऐसी भी बातें होती हैं' एक साक्षात्कार है। साक्षात्कार विधा के कुछ मुख्य बिंदु आगे दिए गए हैं। इस साक्षात्कार में से इन मुख्य बिंदुओं को रेखांकित करने वाली पंक्तियों को ढूँढ़कर लिखिए।

उत्तर

मुख्य बिंदु

साक्षात्कार से पंक्ति

साक्षात्कार लेने वाले का नाम और जिसका साक्षात्कार लिया गया, उसका नाम

"यतींद्र मिश्र : दीदी, आपके संगीत की अप्रतिम यात्रा पर बातचीत शुरू करते हैं…" / "लता मंगेशकर : जी, जरूर।" (शीर्षक के नीचे— लता मंगेशकर से साक्षात्कार)

प्रश्नोत्तर

"पिताजी से संगीत के अलावा आपने क्या-क्या और सीखा?" — "सबसे ज्यादा तो स्वाभिमान से जीने की प्रेरणा।"

भावनात्मक वातावरण

"मुझे तो यह भी लगता है कि जितना प्रेम मुझे मिला है, शायद गाकर उतना आभार मैं अपने प्रशंसकों के प्रति जता नहीं पाई हूँ…"

आमंत्रण, स्वागत और परिचय

"आप अगर तैयार हों, तो मैं ऐसे असंख्य शुभचिंतकों… की ओर से प्रणाम करते हुए आपसे प्रश्न पूछना चाहूँगा…"

उत्तर देने की शैली का संकेत

"(हँसते हुए) अरे! यह तो हम सब भाई-बहन बहुत करते थे।" / "(खिलखिलाकर हँसती हैं)"

विचार और उदाहरण

"संगीत में वह असीम शक्ति है कि कुछ अप्रत्याशित वह जरूर रच देता है…" और उदाहरण के रूप में अली अकबर खाँ के सरोद का तार टूटने का प्रसंग।

संस्मरण

"मैं नौशाद साहब के घर सुबह करीब साढ़े पाँच बजे पहुँच गई और जब कॉलबेल बजाया, तो उनींदे से नौशाद साहब मुझे गेट पर खड़ा देखकर डर गए।"

समापन

"हे प्रभु! तुमने जो भी दिया, वह बहुत दिया… अपनी कृपा की छाया से जैसे मुझे छाँह दी है, वैसे ही हर एक कलाकार और नेक इंसानों के ऊपर भी रखना… यही प्रार्थना है।"

प्रश्न 2

"मैं कोशिश करूँगी कि जो कुछ भी मैंने संगीत में रहते हुए जाना है, उसे आपको बता सकूँ।" इस कथन से साक्षात्कार की शैली के विषय में क्या पता चलता है— क्या यह औपचारिक संवाद है या आत्मीय बातचीत? अपने विचार तर्क सहित लिखिए।

उत्तर

यह साक्षात्कार औपचारिक ढाँचे में होते हुए भी आत्मीय बातचीत है। यतींद्र मिश्र लता जी को 'दीदी' कहकर संबोधित करते हैं और लता जी भी खुले मन से अपनी पूरी जानकारी साझा करने का वादा करती हैं। वे हँसते-खिलखिलाते हुए बचपन की शरारतें, घर के त्योहार और नौशाद साहब वाला मजेदार किस्सा सुनाती हैं। यहाँ तक कि वे पलटकर साक्षात्कारकर्ता से प्रश्न भी पूछ लेती हैं। इसलिए यह बातचीत दो आत्मीय लोगों के बीच का सहज संवाद लगती है, कोई रूखी पूछताछ नहीं।

विधा से संवाद : आपका साक्षात्कार

प्रश्न 1

"आप पूछिए, मैं आपके प्रश्नों का जवाब देने के लिए तैयार हूँ।" कल्पना कीजिए कि आप भी लता मंगेशकर के इस साक्षात्कार में उपस्थित हैं। आप लता जी से कौन-कौन से अलग प्रश्न पूछते और क्यों?

उत्तर

उत्तर (नमूना उत्तर)

  • "आप अपनी आवाज की देखभाल कैसे करती थीं? क्या कोई विशेष अभ्यास या परहेज था?" — क्योंकि एक गायक के लिए आवाज ही पूँजी है और यह जानकर विद्यार्थियों को भी लाभ होगा।
  • "आपने इतनी सारी भाषाओं में गीत गाए; अपरिचित भाषा का उच्चारण आप कैसे सीखती थीं?" — क्योंकि यह उनकी मेहनत और भाषाओं के प्रति सम्मान को दिखाता।
  • "'ऐ मेरे वतन के लोगो' गाते समय आपके मन में क्या भाव थे?" — क्योंकि यह गीत पूरे देश की भावना से जुड़ा है।
  • "जो बच्चे संगीत सीखना चाहते हैं, उन्हें आप क्या सलाह देंगी?" — क्योंकि इससे नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती।

विषयों से संवाद

प्रश्न 1

"एक स्टूडियो से दूसरे और तीसरे स्टूडियो के चक्कर में ही पूरा दिन बीत जाता था।" सन् 1942 में अपने पिता की मृत्यु के बाद लता मंगेशकर ने अकेले अपनी माँ, छोटे भाई-बहनों की देखभाल की और अपने घर को सँभाला। उस समय उनकी आयु मात्र 13 वर्ष थी। तब महिलाओं का फिल्मों में काम करना अच्छा नहीं माना जाता था। उस समय सुबह से रात तक एक स्टूडियो से दूसरे स्टूडियो भागते हुए लता जी के एक दिन की कल्पना कीजिए। इस भागदौड़ में वे किन-किन चुनौतियों का सामना करती होंगी? (संकेत– भोजन, यात्रा-भाड़ा, सुरक्षा, थकान आदि)

उत्तर

उत्तर (नमूना उत्तर) : लता जी की सुबह शायद घर के कामों और रियाज से शुरू होती होगी। फिर वे लोकल ट्रेन या बस से एक स्टूडियो पहुँचतीं, जहाँ गाने की रिहर्सल में घंटों लग जाते। दोपहर का खाना अक्सर छूट जाता या रास्ते में चाय-बिस्कुट से काम चलाना पड़ता। फिर दूसरे स्टूडियो की ओर दौड़ना पड़ता। उनकी चुनौतियाँ रही होंगी— (1) यात्रा-भाड़ा : कम पैसों में टैक्सी लेना संभव नहीं, इसलिए लंबी दूरी पैदल या भीड़ भरी गाड़ियों में तय करनी पड़ती। (2) भोजन : समय पर खाना न मिलना। (3) सुरक्षा : एक किशोरी का देर रात अकेले घर लौटना और समाज की तानेबाजी। (4) थकान : लगातार गाने से गले और शरीर की थकान, फिर भी अगले दिन की रेकॉर्डिंग की चिंता। (5) परिवार की जिम्मेदारी : घर पहुँचकर भाई-बहनों की पढ़ाई और जरूरतों की चिंता।

प्रश्न 2

"पहले के दौर में पुरुष और स्त्री आवाजों के कोरस हम लोगों के गीतों के साथ ही रेकॉर्ड होते थे। भले ही वह गाना डुएट हो या फिर कोई सोलो सांग।" अपने घर, आस-पड़ोस, समुदाय, विद्यालय में होने वाले उन कार्यों के विषय में बताइए जिसमें सहयोग और सामूहिकता की आवश्यकता होती है।

उत्तर

घर में : त्योहार की तैयारी, घर की सफाई-सजावट और अतिथि-सत्कार में सबका सहयोग चाहिए। आस-पड़ोस में : शादी-ब्याह, किसी के बीमार होने पर देखभाल, मोहल्ले की सफाई और पौधारोपण। समुदाय में : मेलों और सामूहिक पर्वों का आयोजन, बाढ़ या आपदा के समय राहत कार्य, रक्तदान शिविर। विद्यालय में : वार्षिकोत्सव, प्रार्थना-सभा, खेल प्रतियोगिताएँ, समूह-परियोजनाएँ, नाटक और कोरस गायन। इन सबमें हर व्यक्ति की भूमिका छोटी हो सकती है, पर मिलकर ही काम सफल होता है।

विषयों से संवाद : शास्त्रीय संगीत

प्रश्न 1

"फिर उसमें लंबी-लंबी रागदारी वाले गायन की भी परंपरा थी।" आपने इस पाठ में संगीत से जुड़े अनेक शब्दों को पढ़ा है। शब्दकोश, इंटरनेट, पुस्तकालय और अपने शिक्षकों की सहायता से इनके अर्थ और उदाहरण खोजकर लिखिए— राग, सुर, बंदिश, अभंग, सोहर, फाग, बधावा।

उत्तर

शब्द

अर्थ

उदाहरण

राग

स्वरों की वह विशेष रचना जो मन में किसी भाव या रस को जगाती है और जिसके निश्चित नियम होते हैं

राग यमन, राग भैरवी, राग जयजयवंती (पाठ में उल्लिखित), दीपक, मेघ

सुर (स्वर)

संगीत की मूल ध्वनियाँ; सात शुद्ध स्वर हैं

सा (षड्ज), रे, ग, म, प, ध, नि

बंदिश

किसी राग और ताल में बँधी हुई गेय रचना, जिसके आधार पर गायक राग का विस्तार करता है

ख्याल या ठुमरी की बंदिशें, जैसे राग यमन की कोई प्रसिद्ध बंदिश

अभंग

मराठी संत कवियों द्वारा रचे गए भक्ति-पद, जो विठ्ठल की भक्ति में गाए जाते हैं

संत तुकाराम और संत नामदेव के अभंग

सोहर

पुत्र-जन्म या भगवान के जन्मोत्सव पर स्त्रियों द्वारा गाए जाने वाले मंगल लोकगीत

रामनवमी और जन्माष्टमी पर गाए जाने वाले सोहर

फाग

फागुन मास में होली के अवसर पर गाए जाने वाले लोकगीत

उत्तर प्रदेश, बिहार और बुंदेलखंड के होली-फाग

बधावा

शुभ अवसरों (जन्म, विवाह) पर बधाई देने के लिए गाए जाने वाले मंगल गीत

राजस्थान और उत्तर भारत में विवाह के बधावे

प्रश्न 2

"त्योहारों के संदर्भ में एक बात और ध्यान में आती है कि अधिकांश प्रदेशों में पर्वों व अनुष्ठानों से संदर्भित घर-घर गीत गाए जाने का प्रचलन रहा है।" आपने पढ़ा कि भारत में त्योहारों पर फाग, धमार, सोहर, बधावा, छठ के गीत आदि गाने की परंपरा है। अपने क्षेत्र में गाए जाने वाले ऐसे गीतों के विषय में अपने घर में पता कीजिए और एक गीत अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।

उत्तर

उत्तर (नमूना उत्तर) : हमारे क्षेत्र में होली पर फाग, बच्चे के जन्म पर सोहर और विवाह पर बन्ना-बन्नी गीत गाए जाते हैं। दादी से सुना एक पारंपरिक होली गीत (फाग) की पंक्तियाँ—

होली खेलें रघुबीरा अवध में, होली खेलें रघुबीरा।

केकरे हाथ कनक पिचकारी, केकरे हाथ अबीरा॥

राम के हाथ कनक पिचकारी, लछिमन हाथ अबीरा।

होली खेलें रघुबीरा अवध में…

(विद्यार्थी अपने क्षेत्र का कोई लोकगीत लिखें।)

विषयों से संवाद : साइबर सुरक्षा

प्रश्न 1

"आज, जो स्थिति है और जिस तरह हमारी तकनीक विकसित हो चुकी है, उसमें अगर इन लोगों को काम करने का मौका मिलता, तब तो कमाल ही हो गया होता।" आज तकनीकी विकास इतना अधिक हो चुका है कि अनेक धोखेबाज/ठग कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रयोग करके अपनी आवाज बदलकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करते हैं। कक्षा में चर्चा कीजिए और बताइए कि साइबर सुरक्षा नियमों का प्रयोग करते हुए इस प्रकार की धोखाधड़ी से किस प्रकार बचा जा सकता है?

उत्तर

  • यदि कोई परिचित की आवाज में फोन करके तुरंत पैसे माँगे, तो घबराएँ नहीं; फोन काटकर उस व्यक्ति के पुराने, जाने-पहचाने नंबर पर स्वयं फोन करके पुष्टि करें।
  • परिवार में एक 'गुप्त शब्द' तय कर लें, जिसे आपात स्थिति में पूछकर पहचान की जा सके।
  • ओटीपी, पिन, पासवर्ड, बैंक या आधार की जानकारी किसी को फोन, संदेश या ईमेल पर कभी न बताएँ।
  • सोशल मीडिया पर अपनी आवाज के वीडियो, निजी जानकारी और फोटो सीमित लोगों तक ही रखें।
  • अनजान लिंक या ऐप पर क्लिक न करें; 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी धमकियों से डरें नहीं, क्योंकि पुलिस फोन पर गिरफ्तारी नहीं करती।
  • धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर फोन करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

विषयों से संवाद : हम ऐसे भी बोलते हैं

प्रश्न 1

"वे बस हमको गंभीरता से देखते थे… मगर हम सभी समझ जाते थे कि हमको बुलाया किसलिए गया है।" क्या आपके जीवन में भी कोई ऐसा व्यक्ति है जो बिना कुछ बोले सिर्फ नजरों या संकेतों (हाव-भाव) से ही आपको समझा देता है? उस अनुभव के विषय में बताइए।

उत्तर

उत्तर (नमूना उत्तर) : हाँ, मेरी माँ ऐसी ही हैं। जब हम अतिथियों के सामने कोई अनुचित बात कहने लगते हैं या मिठाई की प्लेट पर टूट पड़ते हैं, तो माँ बस एक बार आँखें बड़ी करके देखती हैं और हम तुरंत समझ जाते हैं कि रुक जाना है। इसी तरह अच्छा काम करने पर उनकी मुस्कान और सिर हिलाना ही हमारे लिए सबसे बड़ी शाबाशी होती है।

प्रश्न 2

यदि कोई व्यक्ति बिना बोले (संकेत भाषा में) आपको कुछ समझा रहा है, तो वह आपके साथ और आप उसके साथ कैसा व्यवहार करेंगे? (संकेत– धैर्य, जिज्ञासा, समानुभूति आदि)

उत्तर

ऐसे व्यक्ति के साथ मैं धैर्य से व्यवहार करूँगा/करूँगी और उसकी बात पूरी तरह समझने तक ध्यान से उसके संकेत देखूँगा/देखूँगी। मैं जिज्ञासा के साथ पूछूँगा/पूछूँगी कि किसी संकेत का क्या अर्थ है और उसकी कुछ संकेत भाषा सीखने का प्रयास करूँगा/करूँगी। मैं समानुभूति रखूँगा/रखूँगी, यानी उसकी जगह स्वयं को रखकर सोचूँगा/सोचूँगी कि बात न समझे जाने पर कैसा लगता है। वह व्यक्ति भी धैर्य से, धीरे-धीरे और स्पष्ट संकेतों में बात करेगा और मेरी गलतियों को सहजता से सुधारेगा। हम दोनों एक-दूसरे का सम्मान करेंगे।

सृजन

प्रश्न 1

"अगर हम समय के चक्र (टाइम मशीन) को घुमाकर सन् 1949-50 में ले जाएँ", कल्पना कीजिए कि आपके पास टाइम मशीन है। 1940–50 के दशक में जाकर लता जी से मिलिए और उनके साथ बिताए गए एक दिन का वर्णन डायरी के रूप में लिखिए। उस समय की वेशभूषा, भोजन, संगीत आदि का वर्णन अवश्य कीजिए।

उत्तर

उत्तर (नमूना उत्तर)

दिनांक : 15 मार्च, 1949, बंबई

प्रिय डायरी,

आज टाइम मशीन से मैं सीधे 1949 की बंबई पहुँच गया/गई। सड़कों पर ट्राम चल रही थी, आदमी धोती-कुर्ता या पैंट-कमीज और टोपी पहने थे, स्त्रियाँ नौगजी साड़ियों में थीं। मैं एक स्टूडियो पहुँचा/पहुँची, जहाँ एक दुबली-पतली लड़की सफेद साड़ी में, दो चोटियाँ बाँधे बैठी थी— यही लता जी थीं! वे 'महल' फिल्म के गीत 'आएगा आने वाला' की रेकॉर्डिंग कर रही थीं। स्टूडियो में एक ही माइक था; उन्हें हॉल में दूर से धीरे-धीरे चलते हुए गाते-गाते माइक तक आना था। कई बार रीटेक हुए, पर उनके चेहरे पर थकान नहीं थी। दोपहर में हमने स्टूडियो के बाहर कटिंग चाय और वड़ा-पाव खाया। लता जी ने बताया कि उन्हें अभी दूसरे स्टूडियो भी जाना है और घर पर माँ व भाई-बहन इंतजार कर रहे हैं। उनकी सादगी और लगन देखकर मैं दंग रह गया/गई। लौटते समय मैंने सोचा कि यही लड़की एक दिन 'भारत रत्न' बनेगी।

प्रश्न 2

"आप जैसे लोग अगर यह मानते हैं कि मैं अमर हूँ, तो यह मुझे मिलने वाले उस प्यार जैसा ही है।" कल्पना कीजिए कि यह लता जी का अंतिम संदेश है— आप उस पर अपनी भावनात्मक प्रतिक्रिया एक अनुच्छेद के रूप में व्यक्त कीजिए।

उत्तर

उत्तर (नमूना उत्तर) : लता जी, आपका यह संदेश पढ़कर आँखें भर आती हैं। आप कहती हैं कि लोगों का आपको अमर मानना केवल उनका प्यार है, पर सच तो यह है कि आपकी आवाज ने ही हमें प्रेम करना, देश पर गर्व करना और दुख में भी उम्मीद रखना सिखाया। जब भी 'ऐ मेरे वतन के लोगो' सुनता/सुनती हूँ, तो लगता है आप हमारे बीच ही हैं। आपने कहा था कि शरीर अमर नहीं, पर गाना अमर है; आपकी यही विनम्रता आपको सचमुच महान बनाती है। आपके गीत हर सुबह, हर उत्सव और हर उदासी में हमारे साथ रहेंगे। आपका नाम सचमुच "नाव गेला राहुन" की तरह सदा रहेगा।

भाषा से संवाद : व्याकरण की बात — मुहावरे

प्रश्न 1

"मगर किसी के आगे जाकर हाथ नहीं पसारना है।" हाथों से जुड़े कुछ मुहावरे नीचे दिए गए हैं। इनका प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए— हाथ में आना, हाथ का मैल होना, हाथ से हाथ मिलाना, हाथ साफ करना, हाथ से निकल जाना, हाथ धो बैठना।

उत्तर

मुहावरा

अर्थ

वाक्य प्रयोग

हाथ में आना

अधिकार या वश में आना, प्राप्त होना

टीम की कमान हाथ में आते ही कप्तान ने नई रणनीति बनाई।

हाथ का मैल होना

तुच्छ या महत्वहीन वस्तु होना (प्रायः धन के लिए)

सेठजी कहते हैं कि धन तो हाथ का मैल है, असली पूँजी तो अच्छा व्यवहार है।

हाथ से हाथ मिलाना

मिलकर सहयोग करना, एकजुट होना

गाँव वालों ने हाथ से हाथ मिलाकर कुछ ही दिनों में तालाब की सफाई कर दी।

हाथ साफ करना

चोरी करना; किसी चीज पर कब्जा करना

भीड़ में किसी ने मेरी जेब पर हाथ साफ कर दिया।

हाथ से निकल जाना

अवसर या वस्तु का अधिकार से बाहर हो जाना

देर से आवेदन करने के कारण नौकरी का अवसर हाथ से निकल गया।

हाथ धो बैठना

खो देना

लापरवाही से वाहन चलाने के कारण वह अपनी जान से हाथ धो बैठा।

भाषा से संवाद : हमारी भाषाएँ

प्रश्न 1

"'गाव गेला वाहुन, नाव गेला राहुन'। मतलब गाँव तो बह जाता है, लेकिन जो नाम है, वह रह जाता है।" आपने एक कहावत और उसका हिंदी में अर्थ पढ़ा। इस कहावत के अर्थ को अपने घर या क्षेत्र की भाषा अथवा भाषाओं में लिखिए।

उत्तर

उत्तर (नमूना उत्तर) : अंग्रेजी : "The village may be washed away, but the name remains." / "Men may come and men may go, but good deeds live on."

हिंदी की समान भाव वाली उक्ति : "नाम रह जाता है, काम रह जाता है; देह तो एक दिन चली जाती है।"

(विद्यार्थी अपनी मातृभाषा में भी लिखें।)

प्रश्न 2

लता जी ने मराठी कहावत को हिंदी में समझाया। अब आप अपनी मातृभाषा की कोई कहावत चुनिए और उसका हिंदी में अनुवाद कीजिए। अनुवाद के बाद भाव में क्या परिवर्तन आया? लिखिए।

उत्तर

उत्तर (नमूना उत्तर) : अंग्रेजी कहावत : "A bird in the hand is worth two in the bush."

हिंदी अनुवाद : "हाथ की एक चिड़िया झाड़ी की दो चिड़ियों से अधिक मूल्यवान है।"

भाव में परिवर्तन : शब्दशः अनुवाद में भाव तो पहुँच जाता है, पर उसकी सहजता और लय कम हो जाती है। हिंदी में इसी भाव के लिए "नौ नकद, न तेरह उधार" कहावत अधिक स्वाभाविक लगती है। इससे पता चलता है कि कहावत का अनुवाद करते समय शब्दों के साथ संस्कृति और कहने का ढंग भी बदलना पड़ता है।

प्रश्न 3

एक 'सेतु चित्र' बनाइए जिसमें दो किनारे हों— एक किनारे पर हिंदी और दूसरे किनारे पर अपने घर या क्षेत्र की भाषा। दोनों किनारों के बीच में ऐसे शब्द लिखिए जो दोनों भाषाओं में समान अर्थ रखते हैं।

उत्तर

उत्तर (नमूना उत्तर) : सेतु चित्र — बाएँ किनारे पर 'हिंदी', दाएँ किनारे पर 'मराठी'। पुल की तख्तियों पर वे शब्द लिखे जाएँ जो दोनों भाषाओं में एक ही या लगभग एक जैसे रूप में, एक ही अर्थ में प्रयुक्त होते हैं—

हिंदी शब्द

मराठी शब्द

समान अर्थ

घर

घर

रहने का स्थान

देव

देव

ईश्वर, भगवान

मित्र

मित्र

दोस्त

फूल

फूल

पुष्प

संगीत

संगीत

गायन-वादन की कला

नाटक

नाटक

मंच पर खेला जाने वाला दृश्य-काव्य

राग

राग

संगीत में स्वरों की विशेष रचना

पानी

पाणी

जल

पाठशाला

शाळा

विद्यालय

(विद्यार्थी अपनी मातृभाषा के अनुसार शब्द चुनें।)

गतिविधियाँ

प्रश्न 1

'नाम रह जाएगा' वाक्य के लिए एक सुंदर पोस्टर बनाइए। इसके ऊपर 'नाम रह जाता है…' लिखिए और नीचे विभिन्न भारतीय भाषाओं में 'नाम' शब्द (जैसे– नाव, नालो, नांउ, नाउँ, मिङ्, पेरु, नामम् आदि) लिखिए। साथ ही कक्षा में सब विद्यार्थी मिलकर एक प्रतिज्ञा लें— 'हम हर भाषा का सम्मान करेंगे।'

उत्तर

उत्तर (नमूना उत्तर) : पोस्टर की रूपरेखा : ऊपर बड़े अक्षरों में— "नाम रह जाता है…"। बीच में एक जलता दीपक या माइक के सामने गाती लता जी का रेखाचित्र। नीचे रंगीन पट्टियों में— नाम (हिंदी), नाव (मराठी), नांउ/नाउँ, मिङ् (मणिपुरी), पेरु (तेलुगु), नामम्, Name (अंग्रेजी)। सबसे नीचे— "हम हर भाषा का सम्मान करेंगे।"

प्रश्न 2

कागज पर एक पेड़ का चित्र बनाइए। इसे नाम दीजिए— भाषा-वृक्ष। इसकी जड़ में लिखिए— 'भारतीय संस्कृति'; तने पर और शाखाओं पर लिखिए— हिंदी, मराठी, तमिल, बांग्ला, गुजराती आदि। हर शाखा पर उस भाषा का एक प्यारा शब्द जोड़िए।

उत्तर

उत्तर (नमूना उत्तर) : जड़ : भारतीय संस्कृति। तना : भारतीय भाषाएँ। शाखाएँ और शब्द— हिंदी : प्रेम; मराठी : आई (माँ); तमिल : वणक्कम (नमस्कार); बांग्ला : भालोबासा (प्रेम); गुजराती : मजा; पंजाबी : पिंड (गाँव); मलयालम : नन्दि (धन्यवाद); तेलुगु : अम्मा (माँ)।

प्रश्न 3

समूह में मिलकर किसी विषय पर एक छोटा समाचार बुलेटिन तैयार कीजिए, जिसमें हिंदी, अंग्रेजी और किसी क्षेत्रीय भाषा का प्रयोग हो। उदाहरण के लिए, एक विषय हो सकता है— 'कला जो जोड़ती है, बाँटती नहीं।'

उत्तर

उत्तर (नमूना उत्तर) : "कला जो जोड़ती है, बाँटती नहीं" — विद्यालय समाचार बुलेटिन

हिंदी : नमस्कार! आज हमारे विद्यालय में 'भारत के रंग' सांस्कृतिक संध्या आयोजित हुई, जिसमें बारह राज्यों के लोकनृत्य और लोकगीत प्रस्तुत किए गए।

English : Students from different states performed together, proving that art builds bridges between people and languages.

मराठी : सर्व विद्यार्थ्यांनी मिळून "वंदे मातरम्" गायले आणि सभागृह टाळ्यांनी दुमदुमले।

हिंदी : कार्यक्रम का संदेश था— भाषाएँ अनेक, पर भाव एक। धन्यवाद!

प्रश्न 4

भाषाई स्मृति पोटली— अपने परिवार में प्रयुक्त अलग-अलग भाषाओं के पाँच शब्द एकत्र कीजिए (जैसे– दादी मराठी बोलती हों, माँ हिंदी)। उन्हें एक 'शब्द पोटली' में कार्ड पर सजाइए।

उत्तर

उत्तर (नमूना उत्तर) : मेरी शब्द पोटली— (1) दादी (भोजपुरी) : "बबुआ" (बेटा)। (2) माँ (हिंदी) : "लाड़ला"। (3) पिताजी (अंग्रेजी) : "Well done"। (4) नानी (बांग्ला) : "खोका" (छोटा बच्चा)। (5) चाचाजी (पंजाबी) : "चंगा" (अच्छा)। इन शब्दों को रंगीन कार्डों पर लिखकर कपड़े की छोटी पोटली में सजाया जा सकता है।

प्रश्न 5

स्वर-कोलाज— लता जी के जीवन के प्रेरक वाक्यों और गीतों का चित्रमय कोलाज बनाइए।

उत्तर

उत्तर (नमूना उत्तर) : कोलाज के बीच में लता जी का चित्र लगाएँ। चारों ओर पाठ से लिए प्रेरक वाक्य— "अगर कोई बात तुम्हें सही लगती है, तो उसे करो", "मेरा गाना अमर है, पर शरीर तो अमर नहीं", "गाव गेला वाहुन, नाव गेला राहुन"। साथ में उनके गीतों के नाम— 'आएगा आने वाला', 'हवा में उड़ता जाए', 'ऐ मेरे वतन के लोगो', 'मेरे ख्वाबों में जो आए'— संगीत के स्वरों (सा रे ग म) और तानपूरे के चित्रों के साथ सजाएँ।

प्रश्न 6

समय-रेखा— लता जी के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाएँ कालानुक्रम में दर्शाइए।

उत्तर

वर्ष

घटना

1929

इंदौर (मध्य प्रदेश) में जन्म; पाँच वर्ष की आयु से पिता पं. दीनानाथ मंगेशकर से संगीत-शिक्षा

1942

पिता का निधन; 13 वर्ष की आयु में परिवार की जिम्मेदारी; फिल्मों में अभिनय और गायन की शुरुआत

1949

'महल' का 'आएगा आने वाला' और 'बरसात' के गीतों से पार्श्वगायन में पहचान

1963

'ऐ मेरे वतन के लोगो' गीत गाया, जिसने पूरे देश को भावुक कर दिया

1969

पद्म भूषण

1989

दादासाहेब फाल्के पुरस्कार

1999

पद्म विभूषण

2001

भारत रत्न

2022

मुंबई में निधन

गतिविधियाँ : भाषा संगम

"उस दिन घर में संगीत की सभा होती थी।"

प्रश्न 1

इनके अतिरिक्त यदि आप 'संगीत' शब्द को किसी और भाषा में भी जानते हैं तो उस भाषा में भी लिखिए।

उत्तर

अंग्रेजी में 'संगीत' को 'Music' कहते हैं। फारसी-उर्दू में 'मौसिकी' और हिंदी में इसके लिए 'गायन-वादन' जैसे शब्द भी प्रयुक्त होते हैं।

प्रश्न 2

उत्तर

उपर्युक्त वाक्य को अपनी मातृभाषा में भी लिखिए।

उत्तर (नमूना उत्तर) : अंग्रेजी : "On that day, a music gathering was held at home."

(विद्यार्थी अपनी मातृभाषा में लिखें।)

खोजबीन : लता मंगेशकर से जान-पहचान

प्रश्न 1

"जब मैं बड़ी हो जाऊँगी, तब मुझे भी ऐसे ही मेडल मिलेंगे।" लता जी ने बचपन में मेडल पाने की कल्पना की और जीवन में अनगिनत पुरस्कार और मेडल प्राप्त भी किए। पता कीजिए कि उन्होंने जीवन-भर में कौन-कौन से 'मेडल' और पुरस्कार प्राप्त किए?

उत्तर

लता मंगेशकर को मिले प्रमुख सम्मान— भारत रत्न (2001), पद्म विभूषण (1999), पद्म भूषण (1969), दादासाहेब फाल्के पुरस्कार (1989), सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायिका के तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, कई फिल्मफेयर पुरस्कार और फिल्मफेयर का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार, महाराष्ट्र भूषण सम्मान तथा फ्रांस सरकार का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'लीजन ऑफ ऑनर' (2007)। (विद्यार्थी पूरी सूची पुस्तकालय या इंटरनेट से देखें।)

प्रश्न 2

पाठ में लता मंगेशकर ने कई फिल्मों और गीतों का उल्लेख किया है। इंटरनेट की सहायता से इनमें से किसी एक फिल्म और गीत को देखकर उसके विषय में अपने विचार लिखिए। आपको यह फिल्म और गीत कैसा लगा और क्यों?

उत्तर

उत्तर (नमूना उत्तर) : मैंने फिल्म 'महल' (1949) का गीत 'आएगा आने वाला' सुना और देखा। श्वेत-श्याम दृश्यों में एक रहस्यमयी हवेली, झूलता झूमर और दूर से धीरे-धीरे पास आती आवाज रोमांच पैदा करती है। पाठ से पता चला था कि इसके लिए लता जी को हॉल में दूर से चलकर माइक तक आना पड़ता था, इसलिए आवाज के धीरे-धीरे पास आने का प्रभाव और भी अद्भुत लगा। उस समय तकनीक कम थी, फिर भी गीत में जो गहराई और रहस्य है, वह आज के गीतों में भी कम मिलता है। मुझे यह गीत बहुत अच्छा लगा।

प्रश्न 3

अब आप दी गई इंटरनेट कड़ी की सहायता से लता मंगेशकर द्वारा गाया हुआ गीत 'ऐ मेरे वतन के लोगो' सुन सकते हैं।

उत्तर

यह गीत कवि प्रदीप ने लिखा था और 1962 के युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की स्मृति में लता जी ने इसे 1963 में दिल्ली में गाया था। इसे सुनकर देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता का भाव जागता है।

अतिरिक्त महत्वपूर्ण प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1

लता मंगेशकर का जन्म कहाँ हुआ था?

उत्तर

(क) मुंबई (ख) पुणे (ग) इंदौर (घ) कोल्हापुर

उत्तर : (ग) इंदौर

प्रश्न 2

'संत तुकाराम' फिल्म की नकल करते समय लता जी क्या बनती थीं?

उत्तर

(क) ईश्वर (ख) तुकाराम (ग) अनुयायी (घ) विमान

उत्तर : (ख) तुकाराम

प्रश्न 3

महाराष्ट्र में नवरात्रि के पहले दिन कौन-सा पर्व मनाया जाता है?

उत्तर

(क) मंगलागौर (ख) गुड़ि पड़वा (ग) रंगपंचमी (घ) गुड़वड़

उत्तर : (ख) गुड़ि पड़वा

प्रश्न 4

दीवाली की सुबह लता जी को दरवाजे पर देखकर कौन डर गए थे?

उत्तर

(क) अनिल विश्वास (ख) बर्मन दादा (ग) नौशाद साहब (घ) मदन मोहन

उत्तर : (ग) नौशाद साहब

प्रश्न 5

"जब बहुत सुर में तार लगता है, तो टूट जाता है"— यह किसने कहा?

उत्तर

(क) पंडित रविशंकर (ख) उस्ताद अली अकबर खाँ (ग) कुमार गंधर्व (घ) दीनानाथ मंगेशकर

उत्तर : (ख) उस्ताद अली अकबर खाँ

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1

पं. दीनानाथ मंगेशकर के नाटकों की क्या विशेषताएँ थीं?

उत्तर

उनके नाटक रात नौ बजे शुरू होकर दो-तीन बजे तक चलते थे, क्योंकि उनमें पाँच अंक और लंबी रागदारी वाला गायन होता था। वे बिना संगीत के नाटक नहीं करते थे और पहली बार मराठी रंगमंच पर कर्नाटक और पंजाब का संगीत लेकर आए।

प्रश्न 2

लता जी को अभिनय करना क्यों पसंद नहीं था?

उत्तर

लता जी को मेकअप करना, लाइट के सामने जाना और बहुत से लोगों के सामने कभी रोना, कभी हँसना अच्छा नहीं लगता था। उन्होंने छह-सात फिल्मों में काम किया, पर बाद में केवल गायन को चुना। 'छत्रपति शिवाजी' फिल्म में वे शिवाजी के प्रति सम्मान के कारण एक दृश्य में आईं।

प्रश्न 3

लता जी के परिवार में होली कैसे मनाई जाती थी?

उत्तर

होलिका-दहन के समय मिठाइयाँ और नारियल होलिका में डाले जाते थे और अगले दिन उसकी राख एक-दूसरे पर डाली जाती थी, जिसे 'गुड़वड़' कहते थे। पाँचवें दिन रंगपंचमी पर माता-पिता बच्चों पर केसर घोलकर छिड़कते थे और माँ आरती उतारकर मीठा प्रसाद देती थीं।

प्रश्न 4

'आएगा आने वाला' गीत की रेकॉर्डिंग में क्या विशेष बात थी?

उत्तर

उस समय तकनीक बहुत विकसित नहीं थी। आवाज के धीरे-धीरे पास आने का प्रभाव पैदा करने के लिए लता जी को हॉल में बहुत दूर से दबे पाँव चलते हुए गाकर माइक तक आना पड़ता था और उसी अनुपात में स्वर का उतार-चढ़ाव रेकॉर्ड होता था।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1

साक्षात्कार के आधार पर लता मंगेशकर के व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर

लता मंगेशकर स्वाभिमानी थीं; बुरे दिनों में भी उन्होंने किसी के आगे हाथ नहीं पसारा। वे कर्तव्यनिष्ठ थीं; तेरह वर्ष की आयु में पिता के जाने के बाद पूरे परिवार को सँभाला। वे संगीत के प्रति पूर्ण समर्पित थीं; सुबह से रात तक रेकॉर्डिंग में उन्हें किसी और चीज की सुध नहीं रहती थी। वे विनम्र और कृतज्ञ थीं; अपने प्रशंसकों, वरिष्ठ संगीतकारों और कोरस के साथियों के प्रति आदर रखती थीं। उनमें सादगी थी, वे छोटे घर में भी खुश थीं। साथ ही उनमें दार्शनिकता थी— "मेरा गाना अमर है, पर शरीर तो अमर नहीं।"

प्रश्न 2

उस्ताद अली अकबर खाँ के सरोद का तार टूटने वाले प्रसंग से लता जी ने संगीत के विषय में क्या निष्कर्ष निकाला?

उत्तर

एक कंसर्ट में अली अकबर खाँ अत्यंत मंत्रमुग्ध करने वाला वादन कर रहे थे, तभी उनके सरोद का तार टूट गया। लता जी के अफसोस जताने पर उन्होंने कहा, "बहन, जब बहुत सुर में तार लगता है, तो टूट जाता है।" लता जी ने इससे यह निष्कर्ष निकाला कि संगीत की सीमा अनंत है; शुद्ध स्वर का आघात इतना गहरा हो सकता है कि तार भी उसे सह नहीं पाता। इसी आधार पर वे मानती हैं कि तानसेन जैसे गायकों से कोई ऐसा सच्चा सुर लगा होगा कि दीपक जलने या वर्षा होने जैसी कथाएँ बनीं। यद्यपि वे इन कथाओं को निश्चित सत्य नहीं कहतीं, पर संगीत की असीम शक्ति में विश्वास करती हैं।

Frequently Asked Questions

What is Class 9 Hindi Ganga Chapter 4 (ऐसी भी बातें होती हैं) about?

ऐसी भी बातें होती हैं' यतींद्र मिश्र द्वारा 'भारत रत्न' लता मंगेशकर से लिया गया साक्षात्कार है। इसमें लता जी अपने पिता से पाँच वर्ष की आयु में मिली संगीत शिक्षा, पिता के निधन के बाद परिवार की ज़िम्मेदारी और कठिन परिस्थितियों में भी स्वाभिमान से जीने के संस्कारों की बात करती हैं। यह साक्षात्कार उनकी संगीत-यात्रा, संघर्ष और परिवार के प्रति समर्पण को सामने लाता है।

What do these NCERT solutions for Class 9 Hindi Ganga Chapter 4 (ऐसी भी बातें होती हैं) cover?

All 56 questions from the latest NCERT textbook for this chapter are answered step by step, organised as रचना से संवाद : मेरे प्रश्न and अतिरिक्त महत्वपूर्ण प्रश्न.

Are these solutions based on the new NCERT syllabus?

Yes. The answers follow the current NCERT textbook for Class 9 Hindi Ganga and the latest CBSE syllabus, so the question numbers and wording match the book you use in class.

How should I use these solutions to prepare for exams?

Attempt each question on your own first, then compare your working with the answer here. Note the steps or keywords you missed, and revise the chapter notes before taking a chapter-wise MCQ test to check your understanding.

Are the NCERT solutions for Class 9 Hindi Ganga Chapter 4 (ऐसी भी बातें होती हैं) free?

Yes. All Circle of Learning NCERT solutions and chapter notes are free to read online, with no sign-up needed.