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Class 11 Hindi Aroh Chapter 6

NCERT Solutions for Class 11 Hindi Aroh Chapter 6: रजनी

Class

Subject

Book

Chapter

Session

Questions covered

XI

Hindi

Aroh (NCERT)

6 – रजनी

2026-27

11 of 11

बिंदु

विवरण

लेखिका

मन्नू भंडारी (1931–2021)

विधा

पटकथा (दूरदर्शन धारावाहिक रजनी की एक कड़ी)

मुख्य पात्र

रजनी (जागरूक गृहिणी), लीला बेन और कांतिभाई (अमित के माता-पिता), अमित, रजनी का पति रवि, हैडमास्टर, शिक्षा निदेशक, संपादक

समस्या

शिक्षक द्वारा ट्यूशन के लिए दबाव और ट्यूशन न लेने पर अंक काटना (अमित को गणित में पूरा पेपर ठीक होने पर भी 72 अंक)

परिणाम

रजनी के आंदोलन, अखबार के सहयोग और अभिभावकों की मीटिंग के बाद बोर्ड का नियम – कोई शिक्षक अपने स्कूल के छात्रों का ट्यूशन नहीं करेगा

संदेश

अन्याय के विरुद्ध संगठित होकर आवाज़ उठाना; चुप रहना भी अपराध है

अभ्यास – पाठ के साथ

Q1

रजनी ने अमित के मुद्दे को गंभीरता से लिया, क्योंकि –
क. वह अमित से बहुत स्नेह करती थी। ख. अमित उसकी मित्र लीला का बेटा था। ग. वह अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाने की सामर्थ्य रखती थी। घ. उसे अखबार की सुर्खियों में आने का शौक था।

Answer

उत्तर

रजनी अमित से स्नेह करती थी और वह उसकी सहेली का बेटा भी था, पर ये कारण मुख्य नहीं थे। उसने अमित के मामले को हज़ारों बच्चों के साथ हो रहे अन्याय के रूप में देखा और हैडमास्टर, शिक्षा निदेशक, अखबार और अभिभावकों तक जाकर संघर्ष किया। वह कहती है – सबसे बड़ा गुनहगार वह है जो अन्याय देखकर भी चुप बैठा रहता है। अखबार की सुर्खियों का उसे कोई शौक नहीं था।

(ग) वह अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाने की सामर्थ्य रखती थी।

Q2

‘जब किसी का बच्चा कमज़ोर होता है, तभी उसके माँ-बाप ट्यूशन लगवाते हैं। अगर लगे कि कोई टीचर लूट रहा है, तो उस टीचर से न ले ट्यूशन, किसी और के पास चले जाएँ… यह कोई मजबूरी तो है नहीं’ – प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताएँ कि यह संवाद आपको किस सीमा तक सही या गलत लगता है, तर्क दीजिए।

Answer

उत्तर

प्रसंग: रजनी डायरेक्टर ऑफ़ एजुकेशन (शिक्षा निदेशक) से मिलकर पूछती है कि स्कूलों में ट्यूशन के नाम पर बच्चों को लूटने के धंधे के बारे में बोर्ड क्या करता है। तब निदेशक बड़े सहज भाव से यह बात कहते हैं।

किस सीमा तक सही: सामान्य स्थिति में ट्यूशन लेना माँ-बाप की इच्छा पर है; कमज़ोर बच्चों को ट्यूशन की ज़रूरत हो सकती है, और वे किसी भी अच्छे शिक्षक को चुन सकते हैं।

किस सीमा तक गलत (अधिक महत्त्वपूर्ण)

  1. अमित कमज़ोर नहीं, होशियार था; फिर भी शिक्षक उस पर ट्यूशन के लिए दबाव डालता रहा।
  2. ट्यूशन न लेने पर शिक्षक ने अंक काट दिए – पूरा पेपर ठीक होने पर भी 72 अंक। जब अंक देने वाला वही शिक्षक हो, तो उससे ट्यूशन न लेना बच्चे के लिए जोखिम है – यह मजबूरी ही है।
  3. निदेशक का कथन समस्या की जड़ (अपने ही छात्रों पर दबाव और अंकों का दुरुपयोग) से आँखें मूँदने वाला, ज़िम्मेदारी से बचने वाला और असंवेदनशील है।

अतः यह संवाद ऊपर से तर्कसंगत लगता है, पर वास्तविक स्थिति में गलत है।

यह निदेशक का कथन है; सामान्य रूप से ठीक लगता है, पर अमित जैसे होशियार बच्चे पर दबाव डालकर अंक काटे जाने की स्थिति में यह गलत और ज़िम्मेदारी से बचने वाला है – क्योंकि अंक देने वाले शिक्षक से ट्यूशन न लेना बच्चे के लिए मजबूरी बन जाती है।

Q3

‘तो एक और आंदोलन का मसला मिल गया’ – फुसफुसाकर कही गई यह बात – क. किसने किस प्रसंग में कही? ख. इससे कहने वाले की किस मानसिकता का पता चलता है?

Answer

उत्तर

क. यह बात रजनी के पति (रवि) ने कही। अभिभावकों की मीटिंग में रजनी भाषण दे रही थी। उसने बताया कि कई प्राइवेट स्कूलों में शिक्षकों को इतनी कम तनख्वाह मिलती है कि ट्यूशन के बिना उनका गुज़ारा नहीं होता; कहीं कम वेतन देकर अधिक पर दस्तख़त करवाए जाते हैं। रजनी ने ऐसे शिक्षकों से संगठित होकर आंदोलन चलाने का अनुरोध किया। तभी पहली पंक्ति में बैठे पति ने धीरे से फुसफुसाया – “लो, अब एक और आंदोलन का मसाला मिल गया।”

ख. इससे पति की इस मानसिकता का पता चलता है:

  1. वह रजनी के सामाजिक कामों को गंभीरता से नहीं लेता; उसका हल्का मज़ाक उड़ाता है।
  2. वह स्वयं “हमें क्या करना है” वाली उदासीन, निष्क्रिय सोच रखता है।
  3. साथ ही इसमें कुछ चिढ़ और कुछ स्नेह भरा व्यंग्य भी है – वह जानता है कि रजनी अब इस मुद्दे को भी उठाएगी। (अंत में वही पति रजनी की सफलता पर गर्व भी करता है।)

क. रजनी के पति ने मीटिंग में, जब रजनी ने कम वेतन वाले शिक्षकों को आंदोलन चलाने को कहा। ख. इससे उसकी उदासीन, ‘हमें क्या’ वाली मानसिकता और रजनी के सामाजिक कार्यों के प्रति हल्के व्यंग्य/मज़ाक का पता चलता है।

Q4

रजनी धारावाहिक की इस कड़ी की मुख्य समस्या क्या है? क्या होता अगर – क. अमित का पर्चा सचमुच खराब होता। ख. संपादक रजनी का साथ न देता।

Answer

उत्तर

मुख्य समस्या: स्कूलों में ट्यूशन का धंधा – शिक्षक अपने ही छात्रों पर ट्यूशन लेने का दबाव डालते हैं और ट्यूशन न लेने पर अंक काटकर उन्हें दंडित करते हैं। शिक्षा का व्यवसायीकरण और व्यवस्था (हैडमास्टर, बोर्ड) की उदासीनता।

क. यदि अमित का पर्चा सचमुच खराब होता – तो रजनी के पास शिक्षक के विरुद्ध कोई ठोस प्रमाण न होता; उसके आरोप कमज़ोर पड़ जाते। हैडमास्टर और निदेशक इसे बच्चे की कमज़ोरी बताकर टाल देते और यह मुद्दा शायद उठता ही नहीं। अमित की उत्तर-पुस्तिका दोबारा जँचवाने की माँग भी निरर्थक होती।

ख. यदि संपादक साथ न देता – तो रजनी की बात अधिक लोगों तक नहीं पहुँचती। मीटिंग की सूचना न छपने से अभिभावक कम आते, जनमत नहीं बनता और बोर्ड पर दबाव नहीं पड़ता। तब नियम बनना कठिन होता या बहुत देर से होता; हालाँकि रजनी अपने स्तर पर संघर्ष जारी रखती।

मुख्य समस्या ट्यूशन के लिए दबाव और ट्यूशन न लेने पर अंक काटने का भ्रष्ट धंधा है। (क) पर्चा सचमुच खराब होता तो आरोप का आधार न रहता और मामला टल जाता; (ख) संपादक साथ न देता तो जनमत और दबाव न बनता, जिससे नियम बनना कठिन हो जाता।

अभ्यास – पाठ के आस-पास

Q5

‘गलती करने वाला तो है ही गुनहगार, पर उसे बर्दाश्त करने वाला भी कम गुनहगार नहीं होता’ – इस संवाद के संदर्भ में आप सबसे ज़्यादा किसे और क्यों गुनहगार मानते हैं?

Answer

उत्तर

रजनी के अनुसार गुनहगार हैं – (1) गलती करने वाला (ट्यूशन के लिए अंक काटने वाला शिक्षक पाठक), (2) उसे बर्दाश्त करने वाले (लीला बेन, कांतिभाई और हज़ारों माँ-बाप), और (3) सबसे बड़ा वह जो अन्याय देखकर भी चुप रहता है (जैसे रजनी का पति)।

मेरे विचार में सबसे बड़ा गुनहगार वह है जो सब जानते हुए भी चुप रहता है (जिसमें व्यवस्था के ज़िम्मेदार लोग – हैडमास्टर और शिक्षा निदेशक भी आते हैं), क्योंकि:

  1. गलती करने वाला शिक्षक इसी चुप्पी और उदासीनता के कारण निडर होकर गलत काम करता रहता है।
  2. पीड़ित माँ-बाप तो डर या मजबूरी में सहते हैं, पर जिनके पास अधिकार और सामर्थ्य है (हैडमास्टर, बोर्ड) या जो प्रभावित नहीं हैं, वे “हमें क्या” कहकर आँखें मूँद लेते हैं – इससे अन्याय की जड़ें मज़बूत होती हैं।
  3. समाज की सामूहिक चुप्पी ही भ्रष्टाचार को पनपने देती है; यदि सब मिलकर आवाज़ उठाएँ तो कोई अन्याय टिक नहीं सकता – जैसा रजनी ने सिद्ध किया।

सबसे बड़ा गुनहगार वह है जो अन्याय देखकर, सामर्थ्य होते हुए भी चुप रहता है (रजनी का पति, हैडमास्टर, निदेशक जैसे लोग), क्योंकि उसकी चुप्पी से ही गलती करने वाले को बढ़ावा मिलता है।

Q6

स्त्री के चरित्र की बनी-बनाई धारणा से रजनी का चेहरा किन मायनों में अलग है?

Answer

उत्तर

समाज में स्त्री की बनी-बनाई छवि है – घर की चारदीवारी तक सीमित, पति पर निर्भर, चुपचाप सहने वाली, भावुक और बाहरी मामलों से दूर रहने वाली। रजनी इससे अलग है:

  1. जागरूक और साहसी: वह अन्याय देखकर चुप नहीं रहती; हैडमास्टर और निदेशक से निडरता से बात करती है।
  2. आत्मनिर्भर निर्णय: पति के विरोध और मज़ाक के बावजूद अपने निर्णय पर डटी रहती है।
  3. सामाजिक सरोकार: केवल अपने बच्चे नहीं, सभी बच्चों के हित के लिए लड़ती है।
  4. संगठन-क्षमता और नेतृत्व: अभिभावकों को इकट्ठा करती है, अखबार का सहयोग लेती है, मीटिंग में भाषण देती है।
  5. तर्कशील और व्यावहारिक: शिक्षकों की कम तनख्वाह की समस्या को भी समझती है; संतुलित प्रस्ताव रखती है।
  6. साथ ही वह स्नेहमयी, हँसमुख और घरेलू भी है – अमित से प्रेम, सहेली से हँसी-मज़ाक।

रजनी घर तक सीमित, चुपचाप सहने वाली पारंपरिक स्त्री के विपरीत जागरूक, साहसी, आत्मनिर्भर, सामाजिक सरोकार वाली, संगठन-क्षमता से युक्त नेतृत्वकर्ता है, जो स्नेहमयी भी है।

Q7

पाठ के अंत में मीटिंग के स्थान का विवरण कोष्ठक में दिया गया है। यदि इसी दृश्य को फ़िल्माया जाए तो आप कौन-कौन से निर्देश देंगे?

Answer

उत्तर

  1. सेट: एक बड़ा हॉल; बाहर कपड़े का बैनर – “ट्यूशन के नाम पर लूट बंद करो – अभिभावक संघ”; अंदर मंच, माइक, कुर्सियाँ।
  2. भीड़: बड़ी संख्या में स्त्री-पुरुष अभिभावक, कुछ शिक्षक; चेहरों पर उत्साह और जोश; कुछ के हाथ में तख्तियाँ।
  3. कैमरा: पहले बाहर से लंबा शॉट – लोग आते-जाते; फिर दृश्य कटकर अंदर – भरा हॉल; एक ओर प्रेस वाले (कैमरे, नोटबुक) पर फ़ोकस।
  4. क्रम: एक महिला माइक से उतरती है, तालियाँ; रजनी मंच से उठकर माइक पर आती है – क्लोज़-अप में उसका आत्मविश्वास भरा चेहरा।
  5. पति: पहली पंक्ति में बैठा पति; “पिता बच्चों को नहीं पढ़ाते” वाले संवाद पर ठहाके के समय कैमरा उस पर जाए; उसका फुसफुसाना भी हल्के क्लोज़-अप में दिखे, फिर कैमरा वापस रजनी पर।
  6. ध्वनि: तालियों की गड़गड़ाहट, अंत में ‘एप्रूव्ड, एप्रूव्ड’ की सामूहिक आवाज़; रजनी की आवाज़ स्पष्ट।
  7. प्रकाश: मंच पर तेज़ रोशनी, हॉल में सामान्य रोशनी; विरोध और विद्रोह का जोशीला माहौल।

बैनर वाला भरा हॉल, उत्साही भीड़, प्रेस पर फ़ोकस, बाहर से अंदर कटता कैमरा, रजनी का क्लोज़-अप, पति पर कैमरा, तालियों और ‘एप्रूव्ड’ की ध्वनि तथा मंच पर तेज़ प्रकाश – ऐसे निर्देश दूँगा।

Q8

इस पटकथा में दृश्य-संख्या का उल्लेख नहीं है। मगर गिनती करें तो सात दृश्य हैं। आप किस आधार पर इन दृश्यों को अलग करेंगे?

Answer

उत्तर

दृश्यों को स्थान और समय के बदलाव (कोष्ठक में दिए विवरण) तथा “दृश्य समाप्त – नया दृश्य” के संकेत के आधार पर अलग किया जा सकता है:

क्रम

स्थान/समय

घटना

1

लीला बेन का फ़्लैट

रजनी का आना, अमित का परिणाम – गणित में कम अंक, ट्यूशन वाली बात का पता चलना

2

स्कूल के हैडमास्टर का कमरा

रजनी और लीला की हैडमास्टर से बहस; हैडमास्टर का असमर्थता जताना

3

रजनी का फ़्लैट, शाम

पति से बहस – “गलती करने वाला तो है ही गुनहगार…”

4

डायरेक्टर ऑफ़ एजुकेशन का ऑफ़िस

चपरासी, प्रतीक्षा; निदेशक से ट्यूशन-रैकेट पर बहस

5

अखबार का दफ़्तर

संपादक का सहयोग; मीटिंग की सूचना

6

मीटिंग का स्थान

रजनी का भाषण, प्रस्ताव का अनुमोदन

7

रजनी का फ़्लैट, सवेरा

अखबार में प्रस्ताव स्वीकार होने की खबर; रसमलाई और खुशी

स्थान व समय में बदलाव और ‘दृश्य समाप्त – नया दृश्य’ के संकेत से: लीला का फ़्लैट, हैडमास्टर का कमरा, रजनी का फ़्लैट (शाम), निदेशक का ऑफ़िस, अखबार का दफ़्तर, मीटिंग-स्थल, रजनी का फ़्लैट (सवेरा)।

अभ्यास – भाषा की बात

Q9

निम्नलिखित वाक्यों के रेखांकित अंश में जो अर्थ निहित हैं उन्हें स्पष्ट करते हुए लिखिए –
(क) वरना तुम तो मुझे काट ही देतीं। (ख) अमित जब तक तुम्हारे भोग नहीं लगा लेता, हम लोग खा थोड़े ही सकते हैं। (ग) बस-बस, मैं समझ गया।

Answer

उत्तर

(क) काट ही देतीं – यहाँ अर्थ है हिस्सा न देना / अलग कर देना / भूल जाना। रजनी मज़ाक में कहती है कि अगर वह बहाना बनाकर न आती तो लीला उसे मिठाई (रसमलाई) खिलाने से वंचित कर देती, यानी उसे छोड़ देती।

(ख) भोग नहीं लगा लेता – ‘भोग लगाना’ मूलतः भगवान को पहले भोजन अर्पित करना है। यहाँ अर्थ है – जब तक अमित सबसे पहले रजनी आंटी को न खिला दे। इससे अमित के मन में रजनी के प्रति गहरा आदर और स्नेह झलकता है – वह उन्हें देवी या ‘हीरो’ की तरह मानता है।

(ग) बस-बस, मैं समझ गया – संपादक रजनी के आवेश भरे लंबे भाषण को बीच में रोकते हुए कहता है कि अब और कहने की ज़रूरत नहीं, मैं आपकी सारी तकलीफ़ और गुस्सा समझ गया हूँ और आपके साथ हूँ। इसमें सहमति और हल्का विनोद है।

(क) मिठाई से वंचित कर देना/छोड़ देना; (ख) सबसे पहले रजनी को खिलाना – आदर और स्नेह का भाव; (ग) अब और कहने की ज़रूरत नहीं, आपकी बात पूरी तरह समझ गया और सहमत हूँ।

Q10

कोड मिक्सिंग/कोड स्विचिंग – पाठ में से कोड मिक्सिंग और कोड स्विचिंग के तीन-तीन उदाहरण चुनिए और हिंदी भाषा में रूपांतरण करके लिखिए।

Answer

उत्तर

कोड मिक्सिंग (एक ही वाक्य में हिंदी के बीच अंग्रेज़ी शब्द)

पाठ का वाक्य

हिंदी रूपांतरण

मैथ्स का पूरा पेपर ठीक करने के बावजूद उसे कुल 72 नंबर मिलते हैं।

गणित का पूरा प्रश्न-पत्र ठीक करने के बावजूद उसे कुल 72 अंक मिलते हैं।

फ़ाइनल ईयर के एक्ज़ाम्स बोर्ड कंडक्ट करता है।

अंतिम वर्ष की परीक्षाएँ बोर्ड आयोजित करता है।

25 तारीख को हम लोग पेरेंट्स की एक मीटिंग कर रहे हैं।

25 तारीख को हम लोग अभिभावकों की एक बैठक कर रहे हैं।

(अन्य) एक अच्छा-सा राइट-अप तैयार करके पी.टी.आई. के द्वारा फ़्लैश करवाता हूँ।

एक अच्छा-सा लेख तैयार करके पी.टी.आई. द्वारा प्रसारित करवाता हूँ।

कोड स्विचिंग (हिंदी बोलते-बोलते पूरा वाक्य/अंश अंग्रेज़ी में)

पाठ का अंश

हिंदी रूपांतरण

कोई रिसर्च प्रोजेक्ट है क्या? व्हेरी इंटरेस्टिंग सब्जेक्ट।

कोई शोध-परियोजना है क्या? बहुत रोचक विषय है।

आई एम प्राउड ऑफ़ यू रजनी… रियली, रियली… आई एम वैरी प्राउड ऑफ़ यू।

मुझे तुम पर गर्व है रजनी… सचमुच, सचमुच… मुझे तुम पर बहुत गर्व है।

हमने कोई ठेका ले रखा है दुनिया का। माई फ़ुट!

हमने कोई ठेका ले रखा है दुनिया का। बिलकुल बकवास!

(अन्य) वैरी सैड! हैडमास्टर को एक्शन लेना चाहिए।

बहुत दुखद! प्रधानाध्यापक को कार्यवाही करनी चाहिए।

कोड मिक्सिंग: मैथ्स का पेपर… नंबर; फ़ाइनल ईयर के एक्ज़ाम्स… कंडक्ट; पेरेंट्स की मीटिंग। कोड स्विचिंग: व्हेरी इंटरेस्टिंग सब्जेक्ट; आई एम प्राउड ऑफ़ यू; माई फ़ुट – इनके हिंदी रूप ऊपर दिए गए हैं।

Q11

पटकथा की दुनिया – इस पुस्तक के अपने पसंदीदा पाठ के किसी एक अंश को पटकथा में रूपांतरित कीजिए।

Answer

उत्तर

पाठ: ‘नमक का दारोगा’ – जमुना के पुल पर गाड़ियाँ रोकने का अंश

(रात का समय। जमुना नदी का पुल। चारों ओर सन्नाटा। दूर से गाड़ियों की गड़गड़ाहट और मल्लाहों का कोलाहल। नमक विभाग के दफ़्तर में वंशीधर लालटेन की रोशनी में सो रहे हैं। आवाज़ सुनकर चौंककर उठते हैं।)

वंशीधर : (बंदूक उठाते हुए, सिपाही से) इतनी रात गए गाड़ियाँ? ज़रूर कुछ गोलमाल है। चलो, देखें।

(पुल पर गाड़ियों की कतार। बैलों के गले की घंटियाँ। वंशीधर गाड़ीवान को रोकते हैं।)

वंशीधर : (कड़क आवाज़ में) रुको! किसकी गाड़ियाँ हैं?

गाड़ीवान : (घबराकर) पंडित अलोपीदीन की, हुज़ूर।

वंशीधर : (गाड़ी पर पड़ा बोरा टटोलते हुए) नमक! (चेहरे पर दृढ़ता) गाड़ियाँ रोको।

(अलोपीदीन सुंदर रथ पर बैठे, निश्चिंत भाव से पान चबाते हुए आते हैं। चेहरे पर मुसकान।)

अलोपीदीन : बाबूजी, आशीर्वाद! कहिए, हमसे ऐसा कौन-सा अपराध हुआ कि गाड़ियाँ रोक दी गईं?

वंशीधर : (रुखाई से) सरकारी हुक्म!

अलोपीदीन : (हँसकर) हम सरकारी हुक्म को नहीं जानते और न सरकार को। हमारे सरकार तो आप ही हैं। (धीरे से) हज़ार रुपये में बात ख़त्म कर लीजिए।

वंशीधर : (कठोर स्वर में) बिलकुल नहीं! (सिपाही से) बदलूसिंह, इन्हें हिरासत में ले लो।

(अलोपीदीन का चेहरा उतर जाता है। कैमरा वंशीधर के दृढ़ चेहरे पर ठहरता है। दृश्य समाप्त।)

‘नमक का दारोगा’ के पुल वाले अंश की पटकथा ऊपर दी गई है – दृश्य-वर्णन, संवाद, अभिनय-संकेत और कैमरा-निर्देश सहित।

विषय-सूची की जाँच

  • ☒ समस्या और रजनी का संघर्ष (प्रश्न 1, 2, 4)
  • ☒ पात्रों की मानसिकता और चरित्र (प्रश्न 3, 5, 6)
  • ☒ पटकथा, दृश्य और फ़िल्मांकन (प्रश्न 7, 8, 11)
  • ☒ भाषा: निहित अर्थ, कोड मिक्सिंग/स्विचिंग (प्रश्न 9, 10)

Total questions answered: 11 of 11

Frequently Asked Questions

What do these NCERT solutions for Class 11 Hindi Aroh Chapter 6 (रजनी) cover?

All 11 questions from the latest NCERT textbook for this chapter are answered step by step, organised as अभ्यास – पाठ के साथ, अभ्यास – पाठ के आस-पास and अभ्यास – भाषा की बात.

Are these solutions based on the new NCERT syllabus?

Yes. The answers follow the current NCERT textbook for Class 11 Hindi Aroh and the latest CBSE syllabus, so the question numbers and wording match the book you use in class.

How should I use these solutions to prepare for exams?

Attempt each question on your own first, then compare your working with the answer here. Note the steps or keywords you missed, and revise the chapter notes before taking a chapter-wise MCQ test to check your understanding.

Are the NCERT solutions for Class 11 Hindi Aroh Chapter 6 (रजनी) free?

Yes. All Circle of Learning NCERT solutions and chapter notes are free to read online, with no sign-up needed.