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Class 12 Hindi Aroh Chapter 4

NCERT Solutions for Class 12 Hindi Aroh Chapter 4: कैमरे में बंद अपाहिज

Class

Subject

Book

Chapter

Session

Questions covered

XII

Hindi

Aroh (NCERT)

4 – कैमरे में बंद अपाहिज

2026-27

9 of 9

बिंदु

विवरण

कवि

रघुवीर सहाय (1929–1990), लखनऊ; पत्रकार (दिनमान), साहित्य अकादेमी पुरस्कार

संग्रह

‘लोग भूल गए हैं’ से

विषय

मीडिया (दूरदर्शन) की संवेदनहीनता और व्यावसायिकता पर व्यंग्य; दूसरों के दुख को बेचने की प्रवृत्ति — “करुणा के मुखौटे में छिपी क्रूरता”

प्रमुख पंक्तियाँ

“हम समर्थ शक्तिवान / हम एक दुर्बल को लाएँगे”; “हमें दोनों एक संग रुलाने हैं”; “परदे पर वक्त की कीमत है”

शिल्प

नाटकीयता, संवाद-शैली, कोष्ठकों का प्रयोग, व्यंग्य, बोलचाल की भाषा, मुक्त छंद

अभ्यास – कविता के साथ

Q1

कविता में कुछ पंक्तियाँ कोष्ठकों में रखी गई हैं—आपकी समझ से इसका क्या औचित्य है?

Answer

उत्तर

कोष्ठकों में रखी पंक्तियाँ— जैसे “(कैमरा दिखाओ इसे बड़ा बड़ा)”, “(हम खुद इशारे से बताएँगे कि क्या ऐसा?)”, “(यह अवसर खो देंगे?)”, “(यह प्रश्न पूछा नहीं जाएगा)”, “(आशा है आप उसे उसकी अपंगता की पीड़ा मानेंगे)”, “(कैमरा / बस करो / नहीं हुआ / रहने दो / परदे पर वक्त की कीमत है)”, “(बस थोड़ी ही कसर रह गई)”— कार्यक्रम संचालक के मन की बातें और कैमरामैन को दिए गए निर्देश हैं, जो दर्शकों को सुनाई नहीं देते।

औचित्य: 1. ये संचालक की दोहरी मानसिकता को उजागर करती हैं— ऊपर से सहानुभूति, भीतर से कार्यक्रम को रोचक और बिकाऊ बनाने की चाह। 2. मीडिया के पर्दे के पीछे के व्यावसायिक सच को सामने लाती हैं। 3. कविता में नाटकीयता और व्यंग्य की धार बढ़ाती हैं।

कोष्ठक की पंक्तियाँ संचालक के मन की बातें और कैमरामैन को दिए निर्देश हैं, जो दर्शक नहीं सुनते; ये मीडिया की दोहरी, व्यावसायिक और संवेदनहीन मानसिकता को उजागर कर व्यंग्य को तीखा बनाती हैं।

Q2

कैमरे में बंद अपाहिज करुणा के मुखौटे में छिपी क्रूरता की कविता है—विचार कीजिए।

Answer

उत्तर

यह कथन सही है। दूरदर्शन का कार्यक्रम ऊपर से “सामाजिक उद्देश्य से युक्त” और अपाहिज के प्रति सहानुभूति (करुणा) दिखाने वाला है, परंतु वास्तव में इसके पीछे क्रूरता छिपी है—

  1. संचालक अपाहिज से बेतुके और अपमानजनक प्रश्न पूछता है— “तो आप क्या अपाहिज हैं? / तो आप क्यों अपाहिज हैं?”
  2. वह उसके दुख को कुरेदता है— “आपका अपाहिजपन तो दुख देता होगा / देता है?”
  3. उसे जल्दी जवाब देने के लिए विवश करता है; उसकी फूली हुई आँख और कसमसाते होंठों की बड़ी तसवीर दिखाता है।
  4. उसका उद्देश्य अपाहिज को रुलाना है ताकि कार्यक्रम रोचक बने— “हम पूछ-पूछकर उसको रुला देंगे”।
  5. सफल न होने पर वह खीझता है— “(बस थोड़ी ही कसर रह गई)”।

इस प्रकार मीडिया दूसरों की पीड़ा को अपने लाभ (टी.आर.पी.) के लिए बेचता है; करुणा केवल मुखौटा है।

हाँ। कार्यक्रम ऊपर से सहानुभूति और सामाजिक उद्देश्य दिखाता है, पर संचालक अपाहिज से अपमानजनक प्रश्न पूछकर, उसके दुख को कुरेदकर और उसे रुलाने का प्रयास करके केवल कार्यक्रम को रोचक-बिकाऊ बनाना चाहता है — यह करुणा के मुखौटे में छिपी क्रूरता है।

Q3

हम समर्थ शक्तिवान और हम एक दुर्बल को लाएँगे पंक्ति के माध्यम से कवि ने क्या व्यंग्य किया है?

Answer

उत्तर

कवि ने मीडिया के अहंकार और शक्ति-प्रदर्शन पर व्यंग्य किया है। मीडियाकर्मी स्वयं को समर्थ और शक्तिशाली समझते हैं; वे किसी को भी अपने कार्यक्रम में लाकर उसका उपयोग कर सकते हैं। दूसरी ओर अपाहिज व्यक्ति को वे ‘दुर्बल’ मानते हैं, जिसकी भावनाओं और सम्मान की उन्हें कोई चिंता नहीं। यह पंक्ति समर्थ और असमर्थ के बीच की खाई तथा शक्तिशाली द्वारा कमज़ोर के शोषण को दर्शाती है। मीडिया कमज़ोर व्यक्ति की लाचारी को बेचकर अपना व्यापार चलाता है।

मीडिया के अहंकार और शक्ति-प्रदर्शन पर व्यंग्य है — वह स्वयं को समर्थ-शक्तिशाली मानकर कमज़ोर व्यक्ति को अपने कार्यक्रम का साधन बनाता है और उसकी लाचारी बेचकर उसका शोषण करता है।

Q4

यदि शारीरिक रूप से चुनौती का सामना कर रहे व्यक्ति और दर्शक, दोनों एक साथ रोने लगेंगे, तो उससे प्रश्नकर्ता का कौन-सा उद्देश्य पूरा होगा?

Answer

उत्तर

प्रश्नकर्ता का उद्देश्य होगा कि उसका कार्यक्रम रोचक, भावुक और लोकप्रिय बने। यदि अपाहिज और दर्शक दोनों एक साथ रो पड़ें तो— 1. कार्यक्रम की टी.आर.पी. (लोकप्रियता) बढ़ेगी। 2. चैनल को अधिक विज्ञापन और आर्थिक लाभ होगा। 3. संचालक को सफल कार्यक्रम बनाने का श्रेय मिलेगा। 4. चैनल की ‘सामाजिक सरोकार वाले’ चैनल की छवि बनेगी।

उसका उद्देश्य अपाहिज की सहायता करना नहीं, बल्कि उसकी पीड़ा का व्यावसायिक लाभ उठाना है।

उसका कार्यक्रम भावुक, रोचक और लोकप्रिय (अधिक टी.आर.पी. वाला) बन जाएगा, जिससे चैनल को व्यावसायिक लाभ और ‘सामाजिक’ छवि मिलेगी — अपाहिज की भलाई उसका उद्देश्य नहीं है।

Q5

परदे पर वक्त की कीमत है कहकर कवि ने पूरे साक्षात्कार के प्रति अपना नज़रिया किस रूप में रखा है?

Answer

उत्तर

इस कथन से कवि ने मीडिया की व्यावसायिकता और संवेदनहीनता पर व्यंग्य किया है। जब अपाहिज रोता नहीं और कार्यक्रम संचालक की इच्छा पूरी नहीं होती, तो वह कैमरा बंद करवा देता है क्योंकि परदे पर हर क्षण बहुत महँगा है। इससे स्पष्ट है कि मीडिया के लिए अपाहिज की भावनाएँ, दुख और सम्मान का कोई मूल्य नहीं; मूल्य केवल समय और पैसे का है। पूरा साक्षात्कार एक व्यापारिक प्रदर्शन था, न कि सच्ची सहानुभूति।

कवि बताता है कि मीडिया के लिए मनुष्य की भावनाओं का नहीं, केवल समय और पैसे का मूल्य है; पूरा साक्षात्कार संवेदनहीन व्यावसायिक प्रदर्शन था।

अभ्यास – कविता के आसपास

Q6

यदि आपको शारीरिक चुनौती का सामना कर रहे किसी मित्र का परिचय लोगों से करवाना हो, तो किन शब्दों में करवाएँगी?

Answer

उत्तर

“मित्रो, इनसे मिलिए— ये मेरे प्रिय मित्र अमित हैं। अमित हमारी कक्षा के सबसे होनहार विद्यार्थियों में से एक हैं। गणित और कंप्यूटर में इनकी विशेष रुचि है और इन्होंने राज्य-स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में पुरस्कार भी जीता है। ये बहुत अच्छे चित्रकार हैं और शतरंज के बेहतरीन खिलाड़ी भी। व्हीलचेयर इनके हौसले को कभी नहीं रोक पाई। इनका आत्मविश्वास, हँसमुख स्वभाव और मदद करने की आदत हम सबके लिए प्रेरणा है। मुझे गर्व है कि अमित मेरे मित्र हैं।”

(परिचय देते समय उसकी अक्षमता के बजाय उसकी योग्यताओं, गुणों और उपलब्धियों पर बल देना चाहिए; सम्मानजनक शब्दों का प्रयोग करना चाहिए।)

उसकी अक्षमता के बजाय उसकी योग्यताओं, रुचियों, उपलब्धियों और गुणों पर बल देते हुए सम्मानजनक और आत्मीय शब्दों में परिचय कराऊँगी, जैसे — “ये मेरे होनहार मित्र अमित हैं, जो उत्कृष्ट चित्रकार और शतरंज खिलाड़ी हैं…”।

Q7

सामाजिक उद्देश्य से युक्त ऐसे कार्यक्रम को देखकर आपको कैसा लगेगा? अपने विचार संक्षेप में लिखें।

Answer

उत्तर

ऐसे कार्यक्रम को देखकर मुझे बहुत दुख और क्रोध होगा। यह कार्यक्रम सामाजिक उद्देश्य का दिखावा करता है, पर वास्तव में अपाहिज व्यक्ति का अपमान करता है और उसके दुख का तमाशा बनाता है। संचालक के बेतुके प्रश्न, उसे रुलाने का प्रयास और कैमरे पर उसकी पीड़ा का प्रदर्शन अमानवीय है। ऐसे कार्यक्रम दर्शकों की संवेदना का भी शोषण करते हैं। सच्चे सामाजिक कार्यक्रम को शारीरिक चुनौतियों का सामना कर रहे लोगों की क्षमताओं, संघर्ष और उपलब्धियों को सम्मानपूर्वक दिखाना चाहिए तथा उनकी समस्याओं के समाधान और सुविधाओं की बात करनी चाहिए।

दुख और क्रोध होगा, क्योंकि यह सामाजिक उद्देश्य का दिखावा करते हुए अपाहिज का अपमान करता है और उसके दुख का तमाशा बनाता है; सच्चे कार्यक्रम को ऐसे लोगों की क्षमताओं, संघर्ष और समस्याओं के समाधान को सम्मान के साथ दिखाना चाहिए।

Q8

यदि आप इस कार्यक्रम के दर्शक हैं तो टी.वी. पर ऐसे सामाजिक कार्यक्रम को देखकर एक पत्र में अपनी प्रतिक्रिया दूरदर्शन निदेशक को भेजें।

Answer

उत्तर

सेवा में, निदेशक महोदय, दूरदर्शन केंद्र, नई दिल्ली।

दिनांक: 26 अक्तूबर, 2026

विषय: ‘सामाजिक उद्देश्य’ के नाम पर प्रसारित संवेदनहीन कार्यक्रम के संबंध में।

महोदय,

मैं आपके चैनल का नियमित दर्शक हूँ। कल रात प्रसारित एक कार्यक्रम में शारीरिक चुनौती का सामना कर रहे एक व्यक्ति का साक्षात्कार दिखाया गया। कार्यक्रम को ‘सामाजिक उद्देश्य से युक्त’ बताया गया, किंतु उसे देखकर मुझे गहरा आघात पहुँचा।

संचालक ने उस व्यक्ति से “आप क्यों अपाहिज हैं?” जैसे अपमानजनक प्रश्न पूछे, उस पर जल्दी उत्तर देने का दबाव डाला और उसकी आँखों तथा होंठों के क्लोज़-अप दिखाकर उसे और दर्शकों को रुलाने का प्रयास किया। यह उस व्यक्ति की गरिमा का अपमान और उसकी पीड़ा का व्यावसायिक उपयोग था।

मेरा निवेदन है कि ऐसे कार्यक्रमों के प्रसारण से पहले उनकी संवेदनशीलता की जाँच की जाए। शारीरिक चुनौतियों का सामना कर रहे लोगों की क्षमताओं, उपलब्धियों और उनकी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर सम्मानजनक कार्यक्रम बनाए जाएँ। आशा है आप इस विषय पर उचित कार्यवाही करेंगे।

सधन्यवाद, भवदीय, क.ख.ग. पता: …

औपचारिक पत्र: विषय, कार्यक्रम का संक्षिप्त उल्लेख, संचालक के अपमानजनक प्रश्नों और रुलाने के प्रयास पर आपत्ति, व्यक्ति की गरिमा के अपमान की बात, और संवेदनशील, सम्मानजनक कार्यक्रम बनाने का निवेदन।

Q9

नीचे दिए गए खबर के अंश को पढ़िए और बिहार के इस बुधिया से एक काल्पनिक साक्षात्कार कीजिए— (पवन, ‘बिहारी बुधिया’, पाँच वर्ष, जन्म से विकलांग, पटना में पाँच किलोमीटर दौड़ा)

Answer

उत्तर

काल्पनिक साक्षात्कार

प्रश्न: पवन, सबसे पहले बधाई! पाँच किलोमीटर दौड़कर कैसा लग रहा है? पवन: धन्यवाद। बहुत अच्छा लग रहा है। थोड़ा थक गया हूँ, पर बहुत खुश हूँ।

प्रश्न: तुम्हें दौड़ने की प्रेरणा कहाँ से मिली? पवन: मैंने उड़ीसा के बुधिया भैया के बारे में सुना था कि वे बहुत दूर तक दौड़े। मैंने सोचा, मैं भी दौड़ूँगा।

प्रश्न: दौड़ते समय डर या कठिनाई नहीं हुई? पवन: शुरू में थोड़ा डर लगा, पर ‘उम्मीद स्कूल’ के सब बच्चे मेरे साथ दौड़ रहे थे और लोग ताली बजा रहे थे। इससे मुझे हिम्मत मिली।

प्रश्न: इसके लिए तुमने कैसे अभ्यास किया? पवन: मैं रोज़ सुबह अपने कोच और पापा के साथ दौड़ने का अभ्यास करता था।

प्रश्न: तुम्हें पढ़ाई में क्या अच्छा लगता है? पवन: मैं नवरसना एकेडमी में कक्षा एक में पढ़ता हूँ। मुझे चित्र बनाना और कहानियाँ सुनना अच्छा लगता है।

प्रश्न: तुम्हारा सपना क्या है? पवन: मैं कश्मीर से कन्याकुमारी तक पैदल जाना चाहता हूँ।

प्रश्न: दूसरे बच्चों के लिए कोई संदेश? पवन: कभी हार मत मानो। मन में हिम्मत हो तो सब कुछ हो सकता है।

प्रश्न: धन्यवाद पवन, तुम्हारे सपने पूरे हों!

प्रश्नोत्तर रूप में सम्मानजनक साक्षात्कार — प्रेरणा (बुधिया), दौड़ का अनुभव, अभ्यास, पढ़ाई और रुचियाँ, कश्मीर से कन्याकुमारी तक पैदल चलने का सपना, और बच्चों के लिए “कभी हार मत मानो” का संदेश।

विषय-सूची की जाँच

  • ☒ कोष्ठक, करुणा के मुखौटे में क्रूरता (प्रश्न 1–2)
  • ☒ समर्थ-दुर्बल व्यंग्य, रुलाने का उद्देश्य, वक्त की कीमत (प्रश्न 3–5)
  • ☒ परिचय, प्रतिक्रिया, पत्र, साक्षात्कार (प्रश्न 6–9)

Total questions answered: 9 of 9

Frequently Asked Questions

What do these NCERT solutions for Class 12 Hindi Aroh Chapter 4 (कैमरे में बंद अपाहिज) cover?

All 9 questions from the latest NCERT textbook for this chapter are answered step by step, organised as अभ्यास – कविता के साथ and अभ्यास – कविता के आसपास.

Are these solutions based on the new NCERT syllabus?

Yes. The answers follow the current NCERT textbook for Class 12 Hindi Aroh and the latest CBSE syllabus, so the question numbers and wording match the book you use in class.

How should I use these solutions to prepare for exams?

Attempt each question on your own first, then compare your working with the answer here. Note the steps or keywords you missed, and revise the chapter notes before taking a chapter-wise MCQ test to check your understanding.

Are the NCERT solutions for Class 12 Hindi Aroh Chapter 4 (कैमरे में बंद अपाहिज) free?

Yes. All Circle of Learning NCERT solutions and chapter notes are free to read online, with no sign-up needed.