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Class 12 Hindi Aroh Chapter 9

NCERT Solutions for Class 12 Hindi Aroh Chapter 9: छोटा मेरा खेत, बगुलों के पंख

Class

Subject

Book

Chapter

Session

Questions covered

XII

Hindi

Aroh (NCERT)

9 – छोटा मेरा खेत, बगुलों के पंख

2026-27

8 of 8

बिंदु

विवरण

कवि

उमाशंकर जोशी (1911–1988), गुजरात; बीसवीं सदी के गुजराती कवि; ‘संस्कृति’ पत्रिका के संपादक

प्रमुख रचनाएँ

विश्व शांति, गंगोत्री, निशीथ, प्राचीना, आतिथ्य, वसंत वर्षा, महाप्रस्थान, अभिज्ञा

छोटा मेरा खेत

कवि-कर्म को खेती के रूपक में बाँधा है — कागज़ का पन्ना = खेत; भावनात्मक आँधी में क्षण का बीज बोया जाता है, कल्पना के रसायन से शब्द के अंकुर फूटते हैं; रचना “रस का अक्षय पात्र” है

बगुलों के पंख

सौंदर्य का चित्रात्मक वर्णन — कजरारे बादलों के बीच पंक्तिबद्ध उड़ते सफ़ेद बगुले कवि की आँखें चुरा ले जाते हैं

शिल्प

रूपक, बिंब, तत्सम-प्रधान भाषा, मुक्त छंद

अभ्यास – कविता के साथ

Q1

छोटे चौकोने खेत को कागज़ का पन्ना कहने में क्या अर्थ निहित है?

Answer

उत्तर

कवि ने कागज़ के पन्ने को खेत का रूप दिया है (रूपक)। जैसे किसान अपने चौकोर खेत में बीज बोता है, सींचता है और फसल उगाता है, वैसे ही कवि कागज़ के चौकोर पन्ने पर भावों और विचारों के बीज बोता है, उन्हें कल्पना से सींचता है और शब्दों के रूप में कविता की फसल उगाता है। इससे कवि-कर्म और कृषि-कर्म की समानता प्रकट होती है— दोनों ही सृजन के कार्य हैं जिनमें श्रम, धैर्य और साधना चाहिए। ‘छोटा’ शब्द यह भी बताता है कि सीमित पन्ने पर भी असीम रस की सृष्टि हो सकती है।

कवि कागज़ के पन्ने को खेत मानता है — जैसे किसान खेत में बीज बोकर फसल उगाता है, वैसे ही कवि पन्ने पर भावों के बीज बोकर, कल्पना से सींचकर कविता की फसल उगाता है; दोनों सृजनात्मक कर्म हैं।

Q2

रचना के संदर्भ में अंधड़ और बीज क्या हैं?

Answer

उत्तर

  • अंधड़: भावनाओं का आवेग या तूफ़ान, जो किसी घटना, अनुभव या विचार से अचानक कवि के मन में उठता है।
  • बीज: उस भावनात्मक क्षण में मन में उत्पन्न होने वाला विचार या अनुभूति, जो रचना का मूल आधार बनता है (“क्षण का बीज”)।

यही बीज कल्पना के रसायन पीकर गल जाता है और उससे शब्दों के अंकुर फूटते हैं, जो अंततः पूर्ण कविता बनते हैं।

अंधड़ = भावनाओं का आवेग जो कवि के मन को झकझोर देता है; बीज = उस क्षण में उपजा विचार या अनुभूति, जो रचना का मूल आधार बनता है।

Q3

रस का अक्षयपात्र से कवि ने रचनाकर्म की किन विशेषताओं की ओर इंगित किया है?

Answer

उत्तर

‘अक्षय’ का अर्थ है जो कभी नष्ट न हो, कभी समाप्त न हो। कवि ने रचना को “रस का अक्षय पात्र” कहकर इन विशेषताओं की ओर संकेत किया है—

  1. शाश्वतता: कविता का रस (आनंद) कभी समाप्त नहीं होता; वह युगों-युगों तक पाठकों को आनंदित करती है।
  2. अक्षयता: “लुटते रहने से ज़रा भी नहीं कम होती”— जितना अधिक लोग उसका आस्वादन करते हैं, उसका रस कम नहीं होता।
  3. अलौकिकता: उसका रस अलौकिक, अमृत-समान है।
  4. क्षण की रोपाई, अनंत की कटाई: रचना एक क्षण में उपजती है, पर उसका फल अनंत काल तक मिलता है।

खेत की फसल एक बार कटकर समाप्त हो जाती है, पर कविता की फसल अक्षय है।

रचना का रस (आनंद) शाश्वत, अलौकिक और अक्षय है; बार-बार पढ़े जाने (“लुटते रहने”) पर भी कम नहीं होता और युगों तक पाठकों को आनंद देता है — खेत की फसल के विपरीत, जो कटकर समाप्त हो जाती है।

अभ्यास – व्याख्या करें

Q4

व्याख्या करें— शब्द के अंकुर फूटे, / पल्लव-पुष्पों से नमित हुआ विशेष।

Answer

उत्तर

प्रसंग: उमाशंकर जोशी की कविता ‘छोटा मेरा खेत’ से। कवि ने खेती के रूपक के माध्यम से कविता के जन्म की प्रक्रिया बताई है।

व्याख्या: जब भावनाओं के अंधड़ में बोया गया विचार रूपी बीज कल्पना के रसायनों को पीकर पूरी तरह गल जाता है, तब उससे शब्दों के अंकुर फूटते हैं— अर्थात विचार शब्दों में ढलने लगता है। धीरे-धीरे वे अंकुर पत्तों और फूलों से लदकर झुक जाते हैं— अर्थात रचना भावों, अलंकारों, बिंबों और सौंदर्य से समृद्ध होकर पूर्ण कविता का रूप ले लेती है। ‘नमित’ शब्द विनम्रता का भी सूचक है— श्रेष्ठ रचना विनम्र होती है।

विशेष: (1) सांगरूपक— शब्द = अंकुर, भाव-अलंकार = पल्लव-पुष्प। (2) तत्सम शब्दावली। (3) कविता के विकास का चित्रात्मक वर्णन।

कल्पना से पोषित विचार रूपी बीज से शब्दों के अंकुर फूटते हैं, और रचना भावों, अलंकारों और सौंदर्य रूपी पत्तों-फूलों से लदकर पूर्ण और विनम्र (नमित) हो जाती है। (सांगरूपक, तत्सम भाषा।)

Q5

व्याख्या करें— रोपाई क्षण की, / कटाई अनंतता की / लुटते रहने से ज़रा भी नहीं कम होती।

Answer

उत्तर

प्रसंग: ‘छोटा मेरा खेत’ (उमाशंकर जोशी)। कवि रचना की अमरता बताता है।

व्याख्या: कविता का बीज (भाव) एक क्षण की अनुभूति में बोया जाता है— रोपाई एक क्षण की होती है। परंतु उसकी फसल अनंत काल तक काटी जाती है— अर्थात कविता युगों-युगों तक पाठकों को रस और आनंद देती रहती है। उसका रस बार-बार लुटाए जाने पर भी ज़रा-सा भी कम नहीं होता। साधारण खेत की फसल कटकर समाप्त हो जाती है, पर कविता की फसल अक्षय है।

विशेष: (1) क्षण और अनंतता का विरोधाभास। (2) खेती का रूपक— रोपाई, कटाई। (3) कविता की शाश्वतता का भाव। (4) सरल-तत्सम मिश्रित भाषा।

कविता का भाव एक क्षण में (रोपाई) उपजता है, पर उसका रस अनंत काल तक (कटाई) पाठकों को मिलता रहता है; बार-बार लुटाए जाने पर भी वह कम नहीं होता — कविता अक्षय और शाश्वत है। (रूपक, विरोधाभास।)

अभ्यास – कविता के आसपास

Q6

शब्दों के माध्यम से जब कवि दृश्यों, चित्रों, ध्वनि-योजना अथवा रूप-रस-गंध को हमारे ऐन्द्रिक अनुभवों में साकार कर देता है तो बिंब का निर्माण होता है। इस आधार पर प्रस्तुत कविता से बिंब की खोज करें।

Answer

उत्तर

छोटा मेरा खेत: 1. “छोटा मेरा खेत चौकोना / कागज़ का एक पन्ना” — दृश्य बिंब 2. “कोई अंधड़ कहीं से आया” — गतिशील/दृश्य बिंब 3. “शब्द के अंकुर फूटे, / पल्लव-पुष्पों से नमित हुआ विशेष” — दृश्य बिंब 4. “झूमने लगे फल” — गतिशील बिंब 5. “रस अलौकिक, / अमृत धाराएँ फूटतीं” — स्वाद (रस) बिंब

बगुलों के पंख: 1. “नभ में पाँती-बँधे बगुलों के पंख” — दृश्य बिंब 2. “कजरारे बादलों की छाई नभ छाया” — दृश्य (रंग) बिंब 3. “तैरती साँझ की सतेज श्वेत काया” — दृश्य और गतिशील बिंब 4. “हौले हौले जाती मुझे बाँध निज माया से” — गतिशील बिंब

दृश्य बिंब: “छोटा मेरा खेत चौकोना”, “शब्द के अंकुर फूटे, पल्लव-पुष्पों से नमित”, “नभ में पाँती-बँधे बगुलों के पंख”, “कजरारे बादलों की छाई नभ छाया”; गतिशील बिंब: “अंधड़ आया”, “झूमने लगे फल”, “तैरती साँझ की सतेज श्वेत काया”; स्वाद बिंब: “रस अलौकिक, अमृत धाराएँ”।

Q7

जहाँ उपमेय में उपमान का आरोप हो, रूपक कहलाता है। इस कविता में से रूपक का चुनाव करें।

Answer

उत्तर

  1. छोटा मेरा खेत चौकोना / कागज़ का एक पन्ना — कागज़ के पन्ने (उपमेय) पर खेत (उपमान) का आरोप।
  2. क्षण का बीज — क्षण (अनुभूति) पर बीज का आरोप।
  3. कल्पना के रसायनों — कल्पना पर रसायन का आरोप।
  4. शब्द के अंकुर — शब्द पर अंकुर का आरोप।
  5. रस का अक्षय पात्र — रचना पर अक्षय पात्र का आरोप।
  6. अंधड़ — भावनात्मक आवेग पर आँधी का आरोप।

पूरी कविता में कवि-कर्म पर कृषि-कर्म का आरोप है, अतः यह सांगरूपक है।

कागज़ का पन्ना = खेत, क्षण का बीज, कल्पना के रसायन, शब्द के अंकुर, रस का अक्षय पात्र, (भावों का) अंधड़ — पूरी कविता में कवि-कर्म पर कृषि-कर्म का आरोप होने से सांगरूपक है।

अभ्यास – कला की बात

Q8

बगुलों के पंख कविता को पढ़ने पर आपके मन में कैसे चित्र उभरते हैं? उनकी किसी भी अन्य कला माध्यम में अभिव्यक्ति करें।

Answer

उत्तर

मन में उभरता चित्र: साँझ का समय है। आकाश में काले-कजरारे बादल छाए हुए हैं। उनके बीच सफ़ेद बगुलों की एक लंबी पंक्ति धीरे-धीरे उड़ती जा रही है, मानो काले कैनवास पर किसी ने सफ़ेद मोतियों की माला टाँक दी हो। साँझ की हलकी रोशनी में उनके सफ़ेद पंख चमक रहे हैं। यह दृश्य इतना मोहक है कि कवि की आँखें उनसे हट ही नहीं पातीं; वह चाहता है कि कोई इस दृश्य को रोक ले।

अन्य कला माध्यम में अभिव्यक्ति (चित्रकला): - चित्र का विवरण: पृष्ठभूमि में गहरे स्लेटी-नीले और काले रंग के घने बादल; नीचे क्षितिज पर डूबते सूरज की हलकी नारंगी आभा; बीच में V आकार या लहरदार पंक्ति में उड़ते 10–12 सफ़ेद बगुले; नीचे एक शांत तालाब जिसमें बादल और बगुलों की परछाई; किनारे पर खड़ा एक व्यक्ति (कवि) ऊपर निहारता हुआ। - रंग: काला, स्लेटी, गहरा नीला (बादल); सफ़ेद (बगुले); नारंगी-गुलाबी (साँझ)। - शीर्षक: “चुराए लिए जातीं वे मेरी आँखें”

(इसे नृत्य, फ़ोटोग्राफ़ी या संगीत— जैसे राग मेघ या मल्हार— के माध्यम से भी व्यक्त किया जा सकता है।)

साँझ के कजरारे बादलों के बीच पंक्तिबद्ध उड़ते सफ़ेद बगुलों का मोहक चित्र उभरता है, जो कवि की आँखें बाँध लेता है। इसे चित्रकला में (काले-स्लेटी बादल, सफ़ेद बगुलों की पंक्ति, साँझ की नारंगी आभा, तालाब में परछाई) या नृत्य/फ़ोटोग्राफ़ी/संगीत में व्यक्त किया जा सकता है।

विषय-सूची की जाँच

  • ☒ कागज़ का पन्ना = खेत, अंधड़ और बीज, रस का अक्षय पात्र (प्रश्न 1–3)
  • ☒ व्याख्या (प्रश्न 4–5)
  • ☒ बिंब और रूपक (प्रश्न 6–7)
  • ☒ बगुलों के पंख — कला अभिव्यक्ति (प्रश्न 8)

Total questions answered: 8 of 8

Frequently Asked Questions

What do these NCERT solutions for Class 12 Hindi Aroh Chapter 9 (छोटा मेरा खेत, बगुलों के पंख) cover?

All 8 questions from the latest NCERT textbook for this chapter are answered step by step, organised as अभ्यास – कविता के साथ, अभ्यास – व्याख्या करें, अभ्यास – कविता के आसपास and अभ्यास – कला की बात.

Are these solutions based on the new NCERT syllabus?

Yes. The answers follow the current NCERT textbook for Class 12 Hindi Aroh and the latest CBSE syllabus, so the question numbers and wording match the book you use in class.

How should I use these solutions to prepare for exams?

Attempt each question on your own first, then compare your working with the answer here. Note the steps or keywords you missed, and revise the chapter notes before taking a chapter-wise MCQ test to check your understanding.

Are the NCERT solutions for Class 12 Hindi Aroh Chapter 9 (छोटा मेरा खेत, बगुलों के पंख) free?

Yes. All Circle of Learning NCERT solutions and chapter notes are free to read online, with no sign-up needed.